भाजपा की चार्जशीट में उन पर आरोप था कि वह दूसरी बार मिल्कफेड निदेशक मंडल के सदस्य गैरकानूनी तरीके से बने। दिसंबर 2016 में विपक्षी भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में राज्यपाल को वीरभद्र सरकार के खिलाफ चार्जशीट सौंपी थी।
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी उनके साथ थे। सत्ता में आने के बाद जयराम सरकार ने इसी चार्जशीट को जांच के लिए विजिलेंस को भेजा। विजिलेंस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि आरोप साबित नहीं होने पर जल्द जांच बंद कर दी जाएगी। इससे पहले जांच रिपोर्ट सरकार को भेजकर इसकी अनुमति मांगी जाएगी।
ये थे चार्जशीट में आरोप
चार्जशीट में आरोप थे कि दुग्ध प्रसंघ और एक बैंक का डिफॉल्टर होने के बावजूद उन्हें प्रसंघ का चेयरमैन बनाया। इसके अलावा उन पर मिल्कफेड का अध्यक्ष रहते सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने का भी आरोप रहा। इसमें भी गाड़ी का इस्तेमाल करने के लिए पोस्ट फैक्टो अनुमति लेने का तथ्य सामने आया है।
लोकसभा चुनाव में भी ज्यादा सक्रिय नहीं थे चेतराम
चेतराम लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के पक्ष में प्रचार में अधिक सक्रिय नजर नहीं आए। चेतराम ठाकुर को पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। इससे भी वह नाखुश थे। सियासी जानकारों की मानें तो सीएम जयराम ठाकुर को अपने हलके में उनके अधिक सक्रिय नहीं होने का राजनीतिक लाभ मिलता रहा है।