हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को हिमाचल सरकार ने सदन के पटल पर नया लोकायुक्त विधेयक पेश किया। दिन में इससे पहले इसी साल फरवरी महीने में प्रस्तुत किए गए लोकायुक्त विधेयक को वापस ले लिया गया।
नए विधेयक में लोकायुक्त को अवमानना के लिए दंडित करने का अधिकार भी है। इससे लोकायुक्त और सशक्त बनेगा। लोकायुक्त विधेयक 2014 में केंद्रीय विधेयक के अनुसार कुछ आवश्यक संशोधन भी शामिल किए गए हैं।
नए विधेयक के मुताबिक अब केवल एक सदस्यीय लोकायुक्त ही होगा। वापस लिए गए विधेयक में इसके साथ कुछ सदस्यों की तैनाती का प्रावधान भी था। नए विधेयक में लोकायुक्त के निर्णय या निर्देशों की अवमानना करने पर दंड का विशेष अधिकार सम्मिलत किया गया है। लोकायुक्त के पास मामलों की सुनवाई के संबंध में सभी सूचनाएं लोकायुक्त वेबसाइट पर डाली जाएंगी।
वीरभद्र बोले, ये विधानसभा है कोई सिनेमा हाल नहीं
पूर्व मंत्री रवींद्र रवि ने चंबा के वन कटान की सीडी दिखाने की मांग दोबारा उठाते हुए कहा कि मैंने ये सीडी अध्यक्ष महोदय को दी हुई है और मीडिया में भी जारी कर दी है। इसी बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऐतराज जताते हुए कहा कि ये विधानसभा है, कोई सिनेमाहाल नहीं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष वन कटान की कुछ घटनाओं को राई का पहाड़ बनाकर दिखा रहा है। जबकि ऐसा नहीं है। जो भी घटनाएं सामने आई हैं, सरकार ने उन पर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने जैसे ही पूर्व सरकार के दौरान शिमला के बैम्लोई वन कटान का नाम लिया, विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष बुटेल से भी आग्रह किया कि सीडी दिखाने जैसी उल्टी सीधी मांगों को आप सीधे खारिज कर दिया करिए। आपकी दया का ये लोग फायदा उठा रहे हैं।
गूंजा अवैध कटान का मामला
वाकआउट के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के पिछले पांच साल के दौरान अवैध वन कटान के कुल 11,744 मामले आए। इनमें 35 करोड़ मूल्य की लकड़ी का कटान हुआ। लेकिन अब कुछ घटनाओं को राजनीतिक षडयंत्र के तहत उठाया जा रहा है।
इससे पहले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन विपक्षी दल भाजपा ने अवैध वन कटान के सवाल पर प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा की अनुपस्थिति पर उनके सवाल को रविंद्र रवि ने पूछा कि 31 अक्तूबर 2014 तक अवैध वन कटान के कुल कितने मामले प्रदेश में आए हैं।
वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने जवाब दिया कि इस अवधि में कुल 5051 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 4808 मामलों में जांच चल रही है। 3906 मामले निपटाए गए हैं। 1033 विभाग के पास हैं। 80 पुलिस और 32 न्यायालय में हैं। जबकि 1145 मामले शेष हैं। फिर रविंद्र रवि ने पूछा कि 31 अक्तूबर से अब तक कितने केस आए। वन मंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी अभी उनके पास नहीं हैं।
इन्वेस्टर मीट से सरकार को निवेश की उम्मीद
सरकार की इन्वेस्टर मीट से हिमाचल में निवेश और रोजगार मिलने की उम्मीद है। दो चरणों में होने वाली इस मीट का अभी एक ही चरण समाप्त हुआ है। दोनों चरण खत्म होने के बाद प्रदेश में निवेश और रोजगार के आंकड़े सामने आ जाएंगे।
धर्मशाला के तपोवन में शीत सत्र के पांचवें दिन सदस्य रविंद्र रवि और सतपाल सत्ती के सवाल का लिखित में उत्तर देते हुए उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने हिमाचल में निवेश की मंशा जताई है।
मंत्री ने बताया कि सीआईआई के माध्यम से पहले चरण में 5 व 6 नवंबर को मुंबई, 7 को बंगलूरू और 8 नवंबर को अहमदाबाद में इन्वेस्टर मीट उद्योगपतियों के साथ की है। मीट का दूसरा चरण अभी बाकी है। मीट के बाद विभागीय अधिकारी उद्योगपतियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उद्योगपतियों को प्रस्तावित परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार कर राज्य सरकार को एकल खिड़की प्राधिकरण से शीघ्र भेजने को कहा गया है।