हिमाचल में बिजली उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब बेचने की योजना पर सवाल-जवाब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने से वीरवार को सदन गरमा गया। प्रश्नकाल में ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया और भाजपा विधायक महेंद्र सिंह में इस पर तीखी बहस हुई। धर्मपुर के भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने आम लोगों को एलईडी बल्ब बेचने की इस योजना में धांधली का आरोप लगाया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड 62 रुपये में मिलने वाले बल्ब को 100, 105 और 130 रुपये में बेच रहा है। विधायक महेंद्र सिंह और रविंद्र सिंह रवि ने इस बारे में संयुक्त रूप से सवाल किया था। ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने उत्तर में कहा कि एलईडी बल्ब वितरण केंद्रीय योजना है। इसे पूरे देश में चलाया जा रहा है। इसकी केंद्र सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। क्या ऐसे में विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना को बंद करना चाहती है।
इसके जवाब में भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा एकदम साफ है। इसीलिए इसे लागू करने को कहा गया है। हमारा संदेह एक ही है कि एलईडी बल्ब की कीमत ओपन मार्केट में कम है। प्रधानमंत्री ने ये योजना तीन बिचौलियों को शामिल करने के लिए नहीं बनाई। नेता प्रतिपक्ष मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भी कहा कि सरकार बताए कि बल्ब को किस कीमत पर खरीदा जा रहा है।
विज्ञापन
इसके हैंडलिंग चार्ज कितने हैं और उपभोक्ताओं को किस दाम पर बेचे जा रहे हैं। महेंद्र सिंह ने कहा कि एनर्जी एफिशएंसी सर्विस लिमिटेड को बल्ब बेचने का जिम्मा दिया गया है, उसने आगे डिस्कॉम के साथ एमओयू किया। डिस्कॉम ने आगे क्रॉमटन को दिया। इस तरह प्रदेश के लोगों की जेब से आई राशि को बीच में ही बांटा गया। रविंद्र सिंह रवि ने भी कहा कि इसमें धांधली की बू आ रही है।
बिना वजह गलती ढूंढने का प्रयास कर रहा विपक्ष
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में विद्युत उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब केंद्र सरकार की योजना के तहत बांटे जा रहे हैं। विपक्ष इसमें बिना वजह गलती ढूंढने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सच ये है कि बिजली बोर्ड एलईडी वितरण करने और धनराशि इकट्ठा करने में सहयोग कर रहा है।
ये बल्ब केंद्र सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिशएंसी सर्विस लिमिटेड की ओर से वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार उपभोक्ताओं से जुटाए धन को केंद्र सरकार के उपक्रम को जुटाकर दे रहा है। एकमुश्त राशि देने पर उपभोक्ताओं से 100 रुपये और किस्तों में तीन बल्ब के लिए 105 रुपये प्रति बल्ब लिए जाते हैं। 10 रुपये प्रति माह बिजली बिल के साथ दिए जाते हैं।
एक जैसे जूतों की अलग-अलग कीमतें, सस्ते बल्ब चीन के
पठानिया बोले कि वे एक दिन मालरोड पर गए। वहां पर पूछा तो एक ही तरह के जूतों की कीमत 12 हजार रुपये और तीन हजार रुपये अलग-अलग थी। ये विपक्ष के लोग जो 62 रुपये के बल्ब बता रहे हैं, वे चीन के हैं। जवाब में महेंद्र सिंह बोले कि इनमें आधे चाइना के बने हैं। क्या आप इनकी जांच करवाएंगे।
चंबा सीमेंट प्लांट का नए सिरे से होगा आवंटन
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री
मुकदमेबाजी में फंसे चंबा सीमेंट प्लांट पर सरकार को राहत मिली है। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में कहा कि वीरवार को उन्हें सूचना मिली है कि जेपी अब सीमेंट प्लांट पर कोर्ट केस को वापस ले रहा है। अब हिमाचल सरकार इस प्लांट की ऑक्शन करेगी। अग्निहोत्री प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान डलहौजी से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी, चुराह से भाजपा विधायक हंसराज और चंबा से ही भाजपा विधायक बीके चौहान के संयुक्त सवाल का जवाब दे रहे थे।
अग्निहोत्री ने कहा कि ये प्लांट वर्ष 2007 में जेपी कंपनी को दिया गया था। चुराह विधानसभा क्षेत्र के बड़ोह शिंड नामक स्थान पर सीमेंट प्लांट लगाने के लिए एक फरवरी 2007 को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। एमओयू के तहत काम नहीं हुआ तो इसे 26 फरवरी 2014 को रद्द किया गया। बाद में आठ कंपनियों ने आवेदन किए। इसी मध्य केंद्र सरकार ने कानून बदल दिया कि अब एप्लीकेशन पर कोई भी कारखाना नहीं दिया जाएगा।
चंबा में सीमेंट प्लांट शुरू करने को सीएम वीरभद्र सिंह के भी निर्देश मिले हैं और इस संबंध में शांता कुमार ने भी आग्रह किया है। बाद में जेपी कंपनी कोर्ट चली गई। अब वीरवार को ही उन्हें मालूम हुआ है कि जेपी कंपनी इस सीमेंट प्लांट पर कोर्ट केस को वापस ले रही है। राज्य सरकार इसकी ऑक्शन करेगी। अग्निहोत्री ने ये भी जानकारी दी कि वर्तमान में हिमाचल में 16 सीमेंट उद्योग स्थापित हैं।
कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि महिलाओं के लिए विधायक निधि में 10 फीसदी और बढ़ोतरी करे।
कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि विधानसभा में तीन महिला विधायक हैं। सरकार को चाहिए कि महिलाओं के लिए विधायक निधि में 10 फीसदी और बढ़ोतरी करे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने महिला दिवस पर बजट पेश किया है।
ऐसे में उन्होंने महिला विधायक निधि में और बढ़ोतरी करने की मांग की। कहा कि सरकार गौ सदन निर्माण की बात कर रही है, लेकिन इन्हें बनाने से पहले जमीन उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। आशा ने फॉरेस्ट क्लीयरेंस मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कहा कि वन विभाग की लेटलतीफी से विकास प्रभावित हो रहा है।
राजनीतिक कारणों से पीटीए शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। उन्होंने इन शिक्षकों की सर्विस ब्रेक का वित्तीय लाभ छोड़कर वन टाइम रिलेक्सेशन की मांग भी की। आशा ने चंबा में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट लगाने का मामला भी उठाया।