हिमाचल सरकार एक कमेटी गठित कर प्रदेश के उद्योगों में काम करने वाले हिमाचल वासियों की संख्या की जांच करेगी। पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक परमजीत सिंह पम्मी के सवाल के जवाब में यह बात कही। कहा कि यह कमेटी जांच कर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर सरकार सत्तर फीसदी हिमाचलियों को रोजगार देने के नियम का पालन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। मंत्री ने बताया कि 18 यूनिट की जांच की गई है। उन्हें शोकॉज नोटिस दिया गया है। कहा कि टेक्सटाइल, सीमेंट और सीमेंट जैसे भारी भरकम उद्योगों में हिमाचली नौकरी करने में रुचि नहीं दिखाते। इस वजह से उन उद्योगों में बाहरी राज्यों के मजदूरों को नौकरी दी जाती है। विधायक रामलाल ने जोर दिया कि सरकार स्वत: संज्ञान ले और आदेश न मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। पम्मी ने आदेश न मानने वाले फार्मा उद्योगों पर भी कार्रवाई की मांग की।
जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार हाईकोर्ट में यह मामला उठाएगी कि डब्ल्यू एक्स ट्रांजिट फार्म की व्यवस्था लागू होने से पहले पूरे होने या अवार्ड होने वाले कार्यों के लिए इस शर्त को लागू न किया जाए। उन्होंने यह बात विधायक आशा कुमारी के पूछे सवाल के जवाब में कही। इससे पहले विधायकों ने कहा कि प्रदेश में लाखों रुपये में एम फार्म बिक रहे हैं और जरूरत न होने के बावजूद स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से लाखों रुपये में बेचे और खरीदे जा रहे हैं। कहा कि इस बात की पूरी कोशिश की जा रही है कि एम फार्म लागू होने से पहली वाली व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा। ब्यूरो
बिजली बोर्ड में नियुक्त दो कर्मचारियों पर अपने जन्म प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ बोर्ड ने जांच बैठाई है। बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने माकपा विधायक राकेश सिंघा के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि एसजेवीएनएल में सेवाएं दे रहे एक बिजली बोर्ड कर्मचारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। उन्हें नोटिस भी दिया है। जलोग सब डिविजन में नियुक्त एक टीमेट के खिलाफ भी जांच जारी है। ब्यूरो