हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। संशोधन विधेयक की धारा 2 में संशोधन करते हुए ऑरफन एवं विडो सेस की परिभाषा जोड़ी गई है। साथ ही नई धारा 6-ए जोड़कर सेस को कानूनी आधार दिया गया है। बताया गया है कि सेस राज्य में अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की विधवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की मजबूती के लिए लगाया जा रहा है। इस कदम से जुटाई गई राशि का उपयोग सीधे तौर पर जरूरतमंद अनाथों और विधवाओं के कल्याण पर किया जाएगा।
कमजोर तबके को मजबूत बनाना मकसद : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पहला मकसद समाज के कमजोर तबके को मजबूत बनाना है और यह पहल उसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। बिल पास होने के बाद इसे आखिरी मंजूरी के लिए लोकभवन भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने पर यह औपचारिक रूप से कानून बन जाएगा और राज्य में लागू हो जाएगा।
राज्यपाल के बजट अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर इशारा कर कहा - आपको नौजवानी में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। जयराम जी, धूमल जीत गए होते तो आपको मेरे वाला महकमा मिलना था। वर्तमान मुख्यमंत्री ने तो सीमित साधनों से भी बहुत बेहतरीन कार्य किए हैं। आपकी हिमाचल में वित्तीय आपातकाल लगाने की इच्छा कभी पूरी नहीं होगी। इस पर सदन में हंगामा हुआ। इस पर स्पीकर ने कहा कि सीनियर मोस्ट मेंबर बोल रहे हैं। विपक्ष के सदस्य बैठें।
आपने लव जिहाद कानून बना दिया, हमें तो मौका नहीं मिला
शिमला। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने विपक्ष की ओर इशारा कर कहा - यह लोग महात्मा गांधी से नफरत करते हैं। इसलिए इन्होंने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया। चंद्र कुमार ने मजाक के लहजे में कहा - आपने लव जिहाद कानून बना दिया, हमें तो कभी करने का मौका नहीं मिला। इस पर भी सदन में नोकझोंक होती रही। अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि लव तो कभी हो सकता है। इस उम्र में भी। उन्होंने विपक्ष के विधायकों की ओर मजाक में कहा कि आपको तो एक ही लव का पता है। यह भगवान के प्रति लव की बात कर रहे हैं।