संशोधन विधेयक के अनुसार प्रति लीटर पांच रुपये से अधिक सेस नहीं लगाया जाएगा। यह पेट्रोल व हाई स्पीड डीजल पर क्रय के प्रथम बिंदु पर लगाया जाएगा। इसे इस तरह लिया जाएगा कि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ न पड़े। विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधवा और अनाथ के नाम पर सरकार चलाने के लिए पैसे जुटाने की नीति सही नहीं है। सरकार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है लेकिन इसके लिए हमारी अंतर आत्मा अनुमति नहीं देती। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की पूरी आशंका है, ऐसे में राज्य सरकार भी अगर सेस लगाती है तो दाम काफी बढ़ जाएंगे। सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला न ले। पहले ही एंट्री टैक्स पर जल्दबाजी में फैसला लेकर प्रदेश के पर्यटन कारोबार को संकट में डाल दिया है।
ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पंजाब के मुकाबले हिमाचल में पेट्रोल-डीजल सस्ता है, इसलिए पंजाब के लोग भी हिमाचल में गाड़ियों की टंकियां फुल करते हैं, जिससे हिमाचल में तेल की खपत अधिक है। दाम बढ़ने पर नुकसान होगा। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि बिलासपुर में सबसे अधिक ट्रक संचालक हैं। तेल के दाम बढ़ने पर उन्हें नुकसान होगा। नाचन से विधायक विनोद कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ में डीजल हिमाचल से 3 रुपये सस्ता है इसलिए वोल्वो ऑपरेटर वहां डीजल भरवाते हैं। दाम बढ़ने के बाद हिमाचल आने वाले टूरिस्ट भी चंडीगढ़ में ही पेट्रोल-डीजल भरवा कर आएंगे जिससे प्रदेश को वैट का भी नुकसान होगा।
बस किराया बढ़ने से आम लोगों पर पड़ेगा बोझ
श्री नयना देवी जी से विधायक रणधीर शर्मा ने सदन से बाहर कहा कि जब भी पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ते हैं बस ऑपरेटर सरकार पर किराया बढ़ाने का दबाव बनाते हैं और सरकार बढ़ा भी देती है। सरकार के फैसले का सीधा असर बसों में सफर करने वाले प्रदेश के आम लोगों पर पड़ेगा।