विधानसभा चुनाव में चुराह विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से छह और भाजपा से तीन लोगों ने टिकट की दावेदारी जताई है। चुराह से कांग्रेस की ओर से लोक निर्माण विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता और दो बार के विधायक रहे सुरेंद्र भारद्वाज, पुलिस महकमे से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले प्रकाश भुटानी, शिक्षा विभाग में रसायन शास्त्र के लेक्चरर रहे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले यशवंत खन्ना, अधिवक्ता (वकील) मदन रावत और एक अन्य टीसी हंसमुख टिकट के तलबगारों में शामिल हैं।
भाजपा की बात की जाए तो वर्तमान विस उपाध्यक्ष एवं विधायक हंसराज के अलावा चुराह घाटी से पार्टी टिकट के तलबगारों की सूची में दो और नाम शामिल हो गए हैं। इनमें विधानसभा क्षेत्र मसरूंड के इलाके से पंचायत प्रधान रहे नरेश रावत सहित निजी कॉलेज में प्रवक्ता रहे भजन धीमान भी चुनावी रण में उतरने की तैयारी में हैं। हालांकि, निजी कॉलेज में सेवारत रहे प्रवक्ता के पक्षधर भाजपा सेल के वरिष्ठ नेतागण रहे हैं जो वर्तमान विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष के पहले विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य समर्थकों में शामिल रहे हैं।
अब ये समर्थक वर्तमान विधायक की कार्यप्रणाली और अनदेखी से रुष्ट होकर पढ़े-लिखे नौजवान को टिकट दिलवाना चाहते हैं। इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो चुराह से जीत की हैट्रिक अभी तक कोई भी पार्टी प्रत्याशी नहीं लगा पाया है। कांग्रेस से मंत्री पद पर रहे पंडित विद्याधर लगातार दो बार चुनाव में जीत का स्वाद चखने के बाद तीसरी बार चुनावी रण में भाजपा के आयुर्वेद मंत्री रहे मोहन लाल से हारे। भाजपा की ओर से आयुर्वेद मंत्री रहे मोहन लाल को दो बार जीतने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र भारद्वाज ने मात देकर उनके हैट्रिक के सपने को तोड़ दिया था। सुरेंद्र भारद्वाज की भी हैट्रिक लगाने की चाह को भाजपा प्रत्याशी हंसराज ने पूरा नहीं होने दिया था।