सावधान! तेज रोशनी वाली एलईडी लगवाना पड़ेगा भारी।
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नई कार या बाइक खरीदने के बाद उसकी हेडलाइट बदलकर तेज एलईडी, लाइट बार या अतिरिक्त लाइटें लगाना वाहन मालिकों को महंगा पड़ सकता है। सड़क पर दूसरों को चकाचौंध करने वाली ऐसी लाइटें मिलीं तो पुलिस चालान काटने के साथ उन्हें हटवा सकती है। गंभीर मामलों में वाहन डिटेन करने और आरटीओ को पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) रद्द करने की संस्तुति भेजने का भी प्रावधान किया गया है। इन दिनों नई गाड़ियों में कंपनी की ओर से लगी मूल हेडलाइट के अलावा कई वाहन चालक ज्यादा रोशनी के लिए आफ्टरमार्केट एलईडी लाइटें लगवा रहे हैं। इनकी रोशनी सामने से आने वाले चालक की आंखों पर पड़ने से उसे कुछ सेकंड तक सड़क व सामने का वाहन साफ दिखाई नहीं देता।
पहाड़ी सड़कों पर तीखे मोड़ और कम चौड़ाई के कारण यह स्थिति हादसे का कारण बन रही है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 निर्माता की ओर से तय मूल विनिर्देशों में अनधिकृत बदलाव को नियंत्रित करती है। ऐसे में कंपनी की ओर से स्वीकृत व्यवस्था से अलग लाइट लगाने या मूल हेडलाइट में बदलाव करने पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस जांच में यदि वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन या अत्यधिक चकाचौंध वाली लाइट मिलती है तो चालक का चालान किया जाएगा।