हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय इस सत्र से अपने अधीन संबद्ध सभी महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिले देगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। जुलाई में प्रवेश परीक्षा होगी। प्रवेश परीक्षा के परिणाम और मेरिट के आधार पर महाविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी। कोविड-19 के कारण पूर्व के दो वर्षों में हिमाचल प्रदेश सामान्य प्रवेश परीक्षा (एचपीसीईटी) नहीं हो पाई है।
तकनीकी विवि को अभी यूजीसी की ग्रांट जारी नहीं हुई है। विवि विद्यार्थियों से लिए जाने वाले विभिन्न शुल्क से अपने खर्च निकाल रहा है। प्रवेश, वार्षिक परीक्षाएं और ट्यूशन फीस समेत अन्य प्रकार के शुल्क से वर्तमान में सभी प्रकार के वित्तीय घाटों को पूरा किया जा रहा है। तकनीकी विवि अपने स्थापना के शुरुआती दौर से ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर बीटेक, एमबीए, एमसीएस और फार्मसी समेत अन्य विभिन्न प्रकार के यूजी और पीजी कक्षाओं में दाखिले देता रहा है। बीटेक में 50 फीसदी दाखिले राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जेईई परीक्षा और शेष 50 फीसदी सीटें एचपीसीईटी परीक्षा की मेरिट के आधार पर भरता है।
जब दोनों प्रवेश परीक्षाओं की मेरिट के बावजूद सीटें खाली रह जाएं तो 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर दाखिला मिलता है। उधर, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि के परीक्षा नियंत्रक एवं डीन अकादमिक प्रो. राजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। जुलाई में प्रवेश परीक्षा होगी। जेईई और एचपीसीईटी की मेरिट के बीटेक में आधार पर दाखिले मिलेंगे। अन्य विभागों में भी प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही दाखिले मिलेंगे।