हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने अपने कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने का फैसला लिया है। अधिकारिक तौर पर इसका खाका तैयार कर लिया गया है। अगस्त के आखिर तक इसकी अधिसूचना जारी होगी। बिजली बोर्ड घाटे में हैं, इसके चलते राज्य विद्युत बोर्ड ने बढ़ा हुआ वेतन देने के लिए लोन लेने का फैसला लिया है।
हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को बोर्ड से हरी झंडी मिलनी है। संशोधित वेतनमान देने से बिजली बोर्ड पर सालाना 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बिजली बोर्ड के इस फैसले से तीन श्रेणियों के कर्मचारियों को फायदा होगा। इसमें क्लास-2, 3 और 4 शामिल हैं। सबसे ज्यादा फायदा क्लास-3 को होगा।
इसमें एएलएम और लिपिक शामिल हैं। इन्हें संशोधित वेतनमान में मासिक 800 से 900 रुपये का फायदा होगा जबकि क्लास-4 को 400 से 500 रुपये और क्लास-2 को भी इतना ही फायदा होगा। बोर्ड के इस फैसले से 20 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी ने बताया कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान दिया जा रहा है। किस कर्मचारी को कितना फायदा होगा, इसका खाका तैयार है।
बोर्ड पहले ही घाटे में चल रहा है, इसके चलते लोन लेने का फैसला लिया गया है। जल्द से जल्द कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। संशोधित वेतनमान देने से हर महीने बोर्ड पर ढाई करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।