फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के गांव की आज तक नहीं ली किसी भी सरकार ने सुध, ये है हाल

Sun, 29 Oct 2017 01:33 PM IST
संजय भारद्वाज/देवराज शर्मा/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के गांव तक जाने वाली सड़क की आज तक सरकारों ने सुध नहीं ली है। कांग्रेस हो या भाजपा, किसी भी दल से जुड़े नेता ने इस सड़क को पक्का करने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन


इस खस्ताहाल सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। डॉ. वाईएस परमार के पुश्तैनी मकान के समीप बने मंदिर तक पहुंचने के लिए भी लगभग आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। हिमाचल निर्माता की जन्मभूमि चन्हालग ही नहीं, बल्कि पूरे सिरमौर में कई सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। 

हर वर्ष 4 अगस्त को डॉ. परमार जयंती पर प्रदेश में जगह-जगह सरकारी और गैर सरकारी आयोजन होते हैं और उनके सम्मान में कसीदे पढ़े जाते हैं। स्वर्गीय परमार के गृह क्षेत्र बागथन के चन्हालग गांव से गुजरने वाली बनेठी, बागथन, राजगढ़, चंदोल सड़क पांच दशक बाद भी खस्ताहाल है। सड़क का कुछ हिस्सा अभी भी पक्का नहीं हो पाया है।
विज्ञापन


जो हिस्सा पक्का हुआ, वहां भी टारिंग उखड़ने लगी है। जिला सिरमौर के तीन निर्वाचन क्षेत्रों नाहन, श्री रेणुकाजी और पच्छाद के कई गांवों के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण है। नाहन से बनेठी, बागथन, लाणाबांका होते हुए बसाहां से चन्हालग सड़क का हिस्सा बेहद खराब है। इससे यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन

क्या कहते हैं नेता

बरसात में इस सड़क की हालत और खराब हो जाती है। - फोटो : File Photo
लाणाबांका पंचायत के उपप्रधान लेखराज ने बताया कि सड़क की हालत को सुधारने के लिए कई बार सरकार से आग्रह किया गया है, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। डॉ. परमार की जन्म स्थली में एक मंदिर भी बनाया गया है।

यहां तक पहुंचने को करीब आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। डॉ. वाईएस परमार के पोते चेतन परमार ने कहा कि चन्हालग उनके दादा की जन्मभूमि है। हालांकि, वहां सुविधाओं की खास कमी नहीं है, लेकिन सड़क खस्ताहाल है।

पच्छाद कांग्रेस के अध्यक्ष सिरमौर सिंह कहते हैं कि बागथन सड़क का निर्माण कांग्रेस सरकार ने ही किया है। बागथन के विकास में भाजपा ने एक ईंट तक नहीं लगाई। कांग्रेस सरकार ने ही यह सड़क पक्की भी की थी, लेकिन भाजपा ने पांच वर्ष तक इस सड़क की सुध नहीं ली। 

पच्छाद से भाजपा विधायक सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश में जब भी भाजपा की सरकार बनी तो डॉ. वाईएस परमार की जन्मस्थली और बागथन क्षेत्र में कई विकास कार्य किए गए हैं, लेकिन कांग्रेस ने डॉ. परमार के नाम पर सिर्फ राजनीति ही की है।

3000 किलोमीटर सड़कें बनीं
सिरमौर जिला भौगोलिक दृष्टि से फैला हुआ है। दूर-दूर बसे गांवों तक सड़क पहुंचाना आसान भी नहीं है। अब तक सिरमौर में लगभग तीन हजार किलोमीटर संपर्क सड़कों का निर्माण हुआ है, जबकि कई गांव अभी भी सड़क सुविधा से वंचित हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें