हिमाचल में चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचारक पहुंचना शुरू हो गए हैं। प्रचार को मात्र दस दिन शेष बचे हैं। विरोधियों को पटकनी देने के लिए दोनों बड़े दल वार रूम में रणनीति बना रहे हैं। वार रूम से ही प्रदेश के हर विस क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
प्रत्याशियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है। रैलियों में भीड़ जुटाने और सोशल मीडिया पर प्रचार का जिम्मा भी वार रूम पर है। सुबह से लेकर देर रात तक वार रूम में गहमागहमी रहती है। कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्री, पूर्व मंत्री भी वार रूम में पहुंच रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय वार रूम पर लाइव रिपोर्ट....
चक्कर से कांग्रेस को चक्कर में डालने का दांव खेल रही भाजपा
भाजपा पार्टी कार्यालय चक्कर से कांग्रेस प्रत्याशियों को चक्कर में डालने का दांव चल रही है। पार्टी की ओर से चक्कर में अलग से वार रूम तैयार किया गया है। इसमें प्रतिदिन एक वरिष्ठ नेता पदाधिकारियों के साथ बैठकर कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों की समस्या सुलझाने में लगा है।
कांग्रेस उम्मीदवारों पर कैसे दबाव बनाया जाना है, वार रूम में प्रतिदिन इसकी प्लानिंग चल रही है। समस्या का समाधान करने के लिए वार रूम से केंद्रीय और हिमाचल के वरिष्ठ नेताओं को फोन किए जा रहे हैं। पार्टी कार्यालय से हिमाचल के 68 विधानसभा क्षेत्रों को कंट्रोल किया गया है।
प्रत्याशियों को कहां - कहां प्रचार करना है और संबंधित क्षेत्र में भाजपा का ऐसा कौन नेता है जो वहां लोगों को जनता है, इसके चलते उक्त नेताओं को प्रत्याशियों के साथ मौके पर भेजा जा रहा है। पार्टी कार्यालय के वार रूम में सोशल मीडिया के लिए अलग सैल बनाया गया है जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए बैठने की अलग व्यवस्था की गई है। पार्टी कार्यालय की ओर से प्रचार सामग्री जिलों में पहुंचाई गई है।
पहले मीडिया सेल फिर वरिष्ठ नेता सुनते हैं समस्या
जिलों से शिकायतें पहले मीडिया सैल में आ रही है, अगर यहां पर भाजपा कार्यकर्ता और प्रत्याशियों की समस्या हल नहीं होती है तो वार रूम में बैठे वरिष्ठ नेताओं को फोन देकर समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है।