प्रचलित इलेक्ट्रिक स्कूटर की प्री बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी के बाहरी राज्यों में बढ़ते मामलों के बाद हिमाचल पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। इसके साथ शिमला साइबर थाना पुलिस भी सतर्क हो गई है। साइबर ठग ई-स्कूटर बुक करने के नाम पर ग्राहकों को झांसे में लेकर अपना शिकार बना रहे हैं। ई-स्कूटर के नाम पर ठगी का यह खेल नया ट्रेंड बन गया है। हालांकि, हिमाचल में इस तरह का अभी तक कोई मामला नहीं आया है।
बावजूद, साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। साइबर पुलिस के मुताबिक शातिर ग्राहकों को होम डिलीवरी करके ई-स्कूटर बेचने के लिए फोन कॉल, ईमेल और सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिये संपर्क कर रहे हैं। इसके साथ वेबसाइट पर ग्राहकों को ई-स्कूटर की फेंचाइजी खोलने पर फर्जी दस्तावेज देकर ठगी कर रहे हैं।
इसके अलावा ई-स्कूटर की बैटरी सेटअप, पॉवर स्टेशन के सेटअप के झांसे में लेकर फंसा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश एएसपी साइबर भूपेंद्र नेगी ने बताया कि सोशल मीडिया एवं वेबसाइट के माध्यम से ई-स्कूटर बेचने के नाम पर मैसेज के जरिये ऑफर आता है तो उसकी सत्यता संबंधित थाना एवं पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करके जांच सकते हैं।
वहीं सहायक पुलिस अधीक्षक सुनील नेगी ने बताया कि इस तरह के मामलों से लोगों को बचाने के लिए पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है लेकिन लोगों को खुद भी जागरूक होना होगा। लोग इस तरह के मामले आने पर तुरंत संबंधित थाने और साइबर पुलिस के पास संपर्क कर सकते हैं ताकि ठगी से बच सकें।
इस तरह लोगों को बनाते हैं शिकार
पुलिस के मुताबिक शातिर ओला इलेक्ट्रिक की एक फर्जी वेबसाइट डिजाइन कर रहे हैं। इसके जरिये वे ई-स्कूटर की जानकारी लेने के लिए वेबसाइट पर आने वाले लोगों से संपर्क करते हैं तथा उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। ग्राहक जैसे ही ओला ई-स्कूटी के बारे में जानकारी लेने के लिए गूगल पर सर्च करते हैं तो उन्हें वेबसाइट दिखती थी।
इसके बाद ठग ई-स्कूटर बेचने के नाम पर ग्राहकों से एडवांस में पैसा जमा करवाने को कहते हैं। पंजीकरण के लिए कुछ रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहते हैं। बाद में परिवहन, डिलीवरी चार्ज और वाहन बीमा के लिए पैसे ट्रांसफर करने के झांसे में लेते हैं। लोगों के पैसे लेने के बाद फोन बंद कर देते हैं।