बिजली के खर्च होंगे कम तो मरम्मत के खर्च हो पाएंगे शून्य
एसई राजीव महाजन ने बताया कि इस सब के पीछे एक ही कारण कॉस्ट कटिंग है अर्थात लागत में कटौती कर बेहतर काम किया जाए। उन्होंने बताया कि योजनाओं को ऑटोमाइज कर बिजली के खर्चों में काफी कटौती आएगी। इसके अतिरिक्त लो वोल्टेज, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, आसमानी बिजली गिरने से आदि के कारण योजनाओं की मोटरें जल जाने से जो मरम्मत करवानी पड़ती थी उसमें भी कमी आएगी। इसके अलावा जिस आधुनिक तकनीक को प्रयोग किया गया है उससे 25 प्रतिशत तक बिजली खर्च में कटौती आएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार जो भी पैसा विभाग बचाएगा उससे लगातार अन्य योजनाओं को ऑटोमाइज किया जाएगा।