हिमाचल मार्केटिंग बोर्ड ने दुकानें अलॉट करने के लिए शनिवार को टेंडर लगा दिए हैं। आयोग ने चुनाव आचार संहिता हटने के बाद दुकानों का आवंटन करने के आदेेश दिए हैं। फूल मंडी खुलने से सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और शिमला जिले के फूल उत्पादकों को घर-द्वार फूल बेचने की सुविधा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए नवंबर के दूसरे हफ्ते में राज्य की पहली फूल मंडी खुलेगी। हिमाचल मार्केटिंग बोर्ड ने दुकानें अलॉट करने के लिए शनिवार को टेंडर लगा दिए हैं। आयोग ने चुनाव आचार संहिता हटने के बाद दुकानों का आवंटन करने के आदेेश दिए हैं। फूल मंडी खुलने से सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और शिमला जिले के फूल उत्पादकों को घर-द्वार फूल बेचने की सुविधा मिलेगी।
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सरकार ने परवाणू में पहली फूल मंडी विकसित की है। इसे अक्तूबर में खोलने का फैसला लिया था।
इस दौरान उप चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लागू हो गई। इसके बाद सरकार ने एक हफ्ता पहले निर्वाचन आयोग से फूल मंडी खोलने की मंजूरी मांगी थी। आयोग ने सरकार को आदेश दिए हैं कि फूल मंडी की दुकानें अलॉट करने के लिए टेंडर लगा सकते हैं। इस पर शर्त लगाई है कि मंडी की दुकानों का आवंटन चुनाव आचार संहिता के हटने के बाद किया जा सकेगा। इसके बाद फूल उत्पादकों को घरों के पास फूल बेच सकेंगे और उनको फूलों के अच्छे दाम भी मिल पाएँगे।
प्रदेश में होता है 100 करोड़ का फूल कारोबार
प्रदेश में हर साल 100 करोड़ का फूलों का कारोबार होता है। प्रदेश में आधा दर्जन फूलों की नर्सरियां भी बनाई गई हैं। शिमला के नवबहार और छराबड़ा, सोलन के परवाणू, कुल्लू के बजौरा और कांगड़ा के धर्मशाला और भटुआं में नर्सरियां हैं। चायल और पालमपुर में मॉडल फूल उत्पादन केंद्र में फूलों की कई किस्में हैं।
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क्या कहते हैं बोर्ड के एमडी
हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेेश ठाकुर कहते हैं कि परवाणू में बनी पहली फूल मंडी की दस दुकानोें के टेंडर कर दिए हैं। निर्वाचन आयोग के आदेश पर दुकानें चुनाव आचार संहिता के बाद अलॉट की जाएंगी। इसके बाद फूल मंडी में फूलों की बिक्री शुरू होगी।