डीसी ने किया ड्रैगन फ्रूट की खेती का निरीक्षण।
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हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में प्रदेश का पहला ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र लगने जा रहा है। इससे जिला ऊना में ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़े किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला ऊना के बेहड़ा जसवां पंचायत के तहत आते गांव बेहड़ विट्ठल में प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना को बागवानी विभाग ने मंजूरी दे दी है। विभाग ने इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया है। जिला ऊना की प्रगतिशील बागवान एवं महिला उद्यमी रीवा सूद ने बागवानी विभाग को ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 1.65 करोड़ की परियोजना मंजूरी के लिए भेजी थी। इसे विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
रीवा सूद को इस संयंत्र के निर्माण के लिए बागवानी विभाग की ओर से 35 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा। रीवा सूद ने कहा कि जिला ऊना का मौसम ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त है तथा बहुत से किसान जिला प्रशासन के प्रोत्साहन से इस फल की खेती के साथ जुड़ चुके हैं। अब उन किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। लगभग तीन महीने पहले ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र लगाने की परियोजना को बागवानी विभाग को भेजा था और खुशी है कि इसे मंजूरी मिल गई।
मनरेगा के तहत लगवाए 2,700 पौधे
ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र के लगने से 15 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके अलावा सप्लाई चेन और नर्सरी के कार्यों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त करने वालों युवाओं की संख्या 35-50 तक होगी। जिले में मनरेगा के तहत अब तक 2,700 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए गए। उनमें बंगाणा उपमंडल के तहत 2,100 तथा गगरेट के ओयल में 600 पौधे लगाए जा चुके हैं।
ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र प्रदेश का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। जिला प्रशासन किसानों की आय वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है और ड्रैगन फ्रूट लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोई भी मनरेगा जॉब कार्ड धारक किसान जो ड्रैगन फ्रूट की खेती का इच्छुक हो, वह अपनी पंचायत के पंचायत सचिव अथवा बीडीओ कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
- राघव शर्मा, उपायुक्त ऊना