ट्रकों के मुकाबले कम समय लगेगा। बैठक में कालका-हावड़ा एक्सप्रेस से भी सेब भेजने पर चर्चा हुई। इस रूट पर 36 घंटे में 6.50 पैसे प्रतिकिलो के किराये पर सेब पहुंचेगा। कोलकाता में छोेटे आकार के सेब की अधिक मांग के चलते बागवानों को लाभ होगा। स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा ने शिमला की चेरी मुंबई भेजने की संभावना पर भी चर्चा की।
चेरी की गुणवत्ता के लिए वातानुकूलित वैगन की उपलब्धता की मांग उठाई। किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ. कुलदीप तंवर, प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान, ज्ञान विज्ञान समिति से ओम प्रकाश भुवेटा, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक अमर सिंह ठाकुर, स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा, वाणिज्य निरीक्षक विकास मलिक, दर्शन सिंह गिल बैठक में उपस्थित रहे।
भविष्य में रेल ही सेब परिवहन का माध्यम : सिंघा
सेब उत्पादक संघ के संरक्षक राकेश सिंघा ने बताया कि बागवान सहकारी समितियों के जरिये रेल से सेब सीधे केरल भेजना चाहते हैं। बिचौलियों का खेल खत्म होने पर लोगों को सेब सस्ता मिलेगा। भविष्य में रेल ही सेब परिवहन का विकल्प बनेगा। केरल से किसान कोकोपीट वापिस भेजने के भी इच्छुक हैं।