लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह
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हिमाचल प्रदेश में सड़क अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने, अतिक्रमण करने और सड़क किनारे मलबा या जब्त वाहन छोड़ने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया। इसके तहत सड़क के ढांचे को नुकसान पहुंचाने पर पुनर्स्थापन लागत की 5 गुना तक जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है।
दो दशक पुराने कानून में संशोधन कर सड़क संरक्षण एवंअतिक्रमण रोकने के प्रावधानों को सख्त किया जा रहा है। संशोधन विधेयक में सड़क सुरक्षा और संरक्षण के लिए डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का भी प्रावधान है। जीपीएस और भू-स्थानिक तकनीक से सड़कों की डिजिटल मैपिंग कर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर मैप तैयार किया जाएगा। इन नक्शों पर डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और इन्हें इलेक्ट्रॉनिक रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा।
इससे सड़क की सीमाओं का सटीक निर्धारण और अतिक्रमण की पहचान आसान होगी। विधेयक के अनुसार, लोक सुरक्षा के हित में पुष्टिकरण प्राधिकारी को किसी भी सड़क या फिर पुल पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित या बंद करने का पूर्ण अधिकार मिलेगा। विधेयक के अनुसार सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, अंतिम मांग आदेश का जानबूझकर भुगतान न करने या सड़क बंद करने संबंधी आदेशों का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
अनधिकृत होर्डिंग लगाने पर 2,000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर देने होंगे : अनधिकृत खनन या मलबा फेंकने पर 1,000 रुपये प्रति घन मीटर प्रतिदिन और जमा सामग्री पर 2,000 रुपये प्रति घन मीटर प्रतिदिन जुर्माने का प्रावधान है। अनधिकृत होर्डिंग लगाने और अन्य अमान्य गतिविधि पर 2,000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर प्रति सप्ताह और इसे दोहराने पर 500 रुपये प्रति रनिंग मीटर प्रतिदिन जुर्माना लगाया जा सकेगा।
विपक्ष के विरोध के बीच विवि संशोधन विधेयक पारित
शिमला। हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की सीधी भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग से होंगी। विश्वविद्यालय अब केवल प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्तियां ही कर सकेंगे जबकि गैर शिक्षकों की भर्तियां राज्य चयन आयोग करेगा। हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक बुधवार को विधानसभा में करीब पौने दो घंटे चली चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
विधेयक के अनुसार, अनधिकृत खोदाई, नालियों को अवरुद्ध करने, पुल को नुकसान पहुंचाने और पेड़ काटने जैसी गतिविधियों पर विभाग तत्काल कार्रवाई कर सकेगा। विभाग आवश्यक मरम्मत या पुनर्स्थापन कार्य खुद करवाकर इसका पूरा खर्च और निर्धारित दंड संबंधित व्यक्ति से वसूल सकेगा।
सड़क पर छोड़े वाहन और मशीनरी होगी जब्त : सड़क के किनारे छोड़े गए जब्त वाहन, मशीनरी या अन्य सामग्री को विभाग जब्त कर सकेगा। इस पर 2,000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना भी लगेगा। विधेयक में निर्धारित अवधि में दावा नहीं करने पर जब्त सामग्री को सार्वजनिक नीलामी के जरिये बेचने का प्रावधान भी किया गया है।