हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा है कि पिछले तीन साल से राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान रोजाना महज आठ-दस सवाल ही लग पा रहे हैं। ये चर्चा में भी नहीं आ पाते हैं। जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्यों को इस बारे में संयम रखने की जरूरत है।
बुटेल ने बुधवार को प्रेस गैलरी कमेटी के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा के भीतर बड़ी से बड़ी बातें हो जाती हैं। उन्होंने आज तक किसी को भी बोलने से नहीं रोका। सदस्यों को बोलने के लिए पांच या छह मिनट ही मिलेंगे। प्रदेश विधानसभा को शालीनता के लिए पूरे देश में जाना जाता है। लोकतंत्र में बोलने का अधिकार सभी को रहेगा। राज्य सरकार को भी इनका पूरी तरह से जवाब देना चाहिए।
स्पीकर ने अभिभाषण के बाद बुलाई सर्वदलीय बैठक- स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने राज्यपाल देवव्रत आचार्य के अभिभाषण के बाद प्रदेश विधानसभा परिसर में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के ही विधानसभा सदस्यों को बुलाया जाएगा।
बुटेल ने प्रेस गैलरी कमेटी की बैठक के दौरान प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष होने केे नाते हमारा ये कर्तव्य है कि सदन की कार्यवाही ठीक ढंग से चले। बुटेल बोले- मुझे पूरी आशा है कि इस बार सदन की कार्यवाही सुचारु ढंग से चलेगी।
निर्दलीय विधायकों के मामले में अभी जवाब नहीं मिला- स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा है कि निर्दलीय विधायकों के खिलाफ दायर की गई याचिका का मामला कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। इस बारे में भाजपा से कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं। ये अभी मिले नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने निर्दलीय विधायकों को कांग्रेस से जुड़ने के कारण उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
अफसरों, पत्रकारों को भी मिलेंगे ईयर फोन- स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा है कि प्रदेश विधानसभा के अगले सत्र में अधिकारियों और पत्रकारों को भी कार्ड लेस ईयर फोन दिए जाएंगे, जिससे विधानसभा सत्र की ठीक से कवरेज हो सके। प्रदेश विधानसभा में शोरशराबे के दौरान अधिकारियों और मीडिया कर्मियों को ठीक से विधायकों की ओर से कही गई बातें सुनाई नहीं देती हैं।
ऐसे में शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल में उठने वाले कई महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब अनसुने ही रह रहे हैं। कार्ड लेस ईयर फोन का प्रावधान करने के लिए बजट की भी व्यवस्था की जा रही है। बुटेल ने कहा कि आने वाले समय में ई-विधान प्रणाली को सब डिवीजन स्तर तक ले जाया जाएगा।
पीलिया पर ईंट का जवाब पत्थर से देगा सत्ता पक्ष- प्रदेश विधानसभा में सरकार पीलिया पर ईंट का जवाब पत्थर से देगी। सरकार वर्ष 2010 में भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिमला और अन्य क्षेत्रों में फैले पीलिया तथा जनजनित रोगों का मामला सदन में पलटवार के रूप में उठा सकती है।
बुधवार को भी विधायक दल की बैठक में पीलिया ही छाया रहा। सीएम की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास ओक ओवर शिमला में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार ने तय किया कि सदन में वर्ष 2010 के बजट सत्र में विपक्षी कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को याद दिलाया जाना चाहिए।
कांग्रेस उस समय के भाजपा सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताते हुए विपक्ष पर उल्टा हमला बोल सकती है। सदन में सरकार ये जवाब दे सकती है कि इस मामले के सामने आते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए गंदे पानी की सप्लाई रोककर गंभीरता बरती गई है।
जबकि साल 2010 में ऐसा कुछ नहीं हुआ। प्रश्नकाल की रणनीति भी तैयार की गई। सूत्रों ने बताया कि भाजपा विधायकों की ओर से पीलिया पर आधे दर्जन से अधिक सवाल लगाए गए हैं। इस बैठक में दो विधायकों को छोड़कर कांग्रेस के सभी एमएलए मौजूद रहे। भाजपा विधायक दल की बैठक आज होगी।