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बजट सत्र: तीसरे दिन भी हंगामा और वाकआउट, ताले लगीं बेड़ियां पहनकर धरने पर बैठा विपक्ष

Thu, 16 Mar 2023 08:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के सदस्य ताले लगीं बेड़ियां पहनकर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए। यहां जोरदार नारेबाजी की गई। 
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प्रदर्शन करते भाजपा विधायक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सूबे में सरकारी संस्थानों को बंद करने के विरोध में विधानसभा में गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बजट सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को भी सदन के भीतर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के सदस्य ताले लगीं बेड़ियां पहनकर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए। यहां जोरदार नारेबाजी की गई। जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें सीएम के चैंबर में नहीं जाने दिया गया। करीब 11:00 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष सदन के भीतर आ गया और खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने शांत करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इसी बीच अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने की घोषणा कर दी। पहला प्रश्न भाजपा विधायक रणधीर शर्मा का लगा। रणधीर के सवाल नहीं पूछने पर अध्यक्ष ने अगले प्रश्न की घोषणा कर कांग्रेस विधायक संजय रत्न का नाम लिया।

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संजय रत्न के प्रश्न पूछते ही विपक्ष ने नारेबाजी और तेज कर दी। शोर-शराबे के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जवाब दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने दोबारा विपक्ष को शांत होने के लिए कहते हुए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर को अपनी बात कहने के लिए कहा। जयराम ने कहा कि बातों को हल्के में लिया जा रहा है। यह परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। संस्थान बंद होने से प्रदेश में हाहाकार मचा है। प्रदेश भर से लोग इसके विरोध में शिमला आना चाहते हैं। हमने उन्हें रोका हुआ है। विपक्ष मुख्यमंत्री से बात करना चाहता था लेकिन कांग्रेस विधायकों ने रास्ता रोक दिया। गुंडागर्दी की गई। कांग्रेस के कई विधायकों ने अभी मंत्री बनना है, इसलिए वे उग्र हो गए। हमें दबाया या कुचला नहीं जा सकता। इस व्यवहार के खिलाफ हम सदन से वाकआउट करते हैं। दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल तीसरे दिन विपक्ष की गैरमौजूदगी में चला। कांग्रेस विधायकों ने विपक्ष की गतिविधियों को बौखलाहट करार देते हुए गलत आचरण के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव भी पारित किया।

काला अध्याय जुड़ गया
विपक्ष के वाकआउट के बाद संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। यह इनकी बौखलाहट है। आज विधानसभा के इतिहास में काला अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर विपक्षी सदस्य बेड़ियां (संगल) डाल कर बैठ गए। हमने मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कही लेकिन ये नहीं माने। मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी होने पर कांग्रेस विधायकों ने भी नारेबाजी कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सिर्फ मीडिया में सुर्खियां चाहिए। मैं इनके खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव पेश करता हूं।
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मैं तो घर पर भी मिलने चला जाऊंगा
निंदा प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा के विधायक मिलने के मूड में थे ही नहीं। मैं तो घर पर भी मिलने चला जाऊंगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश ने भाजपा विधायकाें के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर बैठने की घटना को नौटंकी करार दिया। मंत्री धनीराम शांडिल, जगत सिंह नेगी और विधायक संजय रत्न ने भी निंदा प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए भाजपा विधायकों के आचरण की निंदा की।

अभी तो अंगड़ाई है, आगे बहुत लड़ाई
मुख्यमंत्री सुक्खू वीरवार को संबोधन के दौरान शायराना अंदाज में दिखे। विपक्ष के वाकआउट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे बहुत लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार के मंत्रियों ने बीते पांच वर्ष के दौरान क्या-क्या कार्य किए हैं, इसकी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। सुक्खू ने कहा कि उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा। उप मुंख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी भाजपा विधायकाें पर तंज कसते हुए कहा कि तू भी बदल फलक, जमाना बदल गया है। जयराम ठाकुर का हाल उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाला हो गया है।
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