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हिमाचल बजट सत्र: पहले दिन सदन में नारेबाजी, विपक्ष का वाकआउट

Wed, 23 Feb 2022 05:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्यपाल प्रदेश में सरकार की ओर से जलापूर्ति योजनाओं का प्रदेशवासियों को लाभ देने की बात कर रहे थे तो इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता गया और कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
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विधानसभा के बाहर नारेबाजी करते कांग्रेस विधायक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने सदन में नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर सदन में 11 बजे पहुंचे। उन्होंने सत्र की शुरुआत अपने अभिभाषण से राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए की, लेकिन बीच में ही कांग्रेस विधायक दल ने हंगामा कर दिया। शुरू में करीब 40 मिनट तक कांग्रेस विधायक शांत बैठे रहे। जब राज्यपाल प्रदेश में सरकार की ओर से जलापूर्ति योजनाओं का प्रदेशवासियों को लाभ देने की बात कर रहे थे तो इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता गया और कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इसके बाद वे सदन में नहीं लौटे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल करवाई बातों को झूठ का पुलिंदा बताया। इसके बाद राज्यपाल ने करीब एक घंटे तक विपक्ष की गैर मौजूदगी में अपना अभिभाषण पढ़ा। हालांकि, इस दौरान माकपा विधायक राकेश सिंघा सदन में उपस्थित रहे।

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राज्यपाल का सम्मान, पर सरकार की ओर पेश तथ्यों से असहमत : अग्निहोत्री 
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कांग्रेस के वाकआउट पर कहा कि राज्यपाल का विपक्ष सम्मान करता है, लेकिन इस दस्तावेज में शामिल तथ्यों से वे सहमत नहीं हैं। सरकार ने अभिभाषण को झूठ के पुलिंदे के रूप में तैयार किया है। इस कारण विपक्ष ने अभिभाषण का विरोध कर वाकआउट किया है। 

जो बातें राज्यपाल ने बोलीं, उनमेें एक भी झूठ हो तो जनता के सामने झुठलाएं : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि जो भी बातें राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान बोली हैं, उनमें से एक भी बात झूठ है तो कांग्रेस जनता के सामने इसे झुठलाए। कांग्रेस ने सत्र के पहले दिन जो किया, इसकी वह निंदा करते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण को विपक्ष को पूरा सुनना चाहिए। पिछली बार भी सांविधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ। इस बार भी ऐसा हुआ है। सरकार ने पिछले चार साल में जनता की सेवा की। यही बातें राज्यपाल के अभिभाषण में थीं। इसमें कौन सा झूठ का पुलिंदा था।
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कोरोना संकट में भी सरकार ने नहीं रुकने दिया हिमाचल का विकास : आर्लेकर

विधानसभा पहुंचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर। - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ बुधवार से राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। एक घंटा चालीस मिनट तक चले राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विधानसभा सदन में सरकार की उपलब्धियां गिनाई गईं। केंद्र सरकार का विभिन्न योजनाओं में सहयोग देने के लिए आभार जताया गया। राज्यपाल ने प्रदेश के हर विभाग में शुरू की गई नई योजना के तहत हुए कार्यों और लाभान्वित होने वालों की संख्या से अवगत कराया।

विधानसभा में बुधवार सुबह 11 बजे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपना अभिभाषण शुरू करते हुए कहा कि वे राज्यपाल का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार सदन के इस वर्ष के प्रथम सत्र और तेरहवीं विधानसभा के चौदहवें सत्र को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में भी प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को नहीं रुकने दिया। विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा अन्य जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई। 

स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हिमाचल प्रदेश टीकाकरण की पहली और दूसरी डोज के शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में देश का पहला प्रदेश बना। सरकार ने चार वर्षों में प्रदेश को नए शिखर तक पहुंचाने, आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार और स्वावलंबन के द्वार खोलने, महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, किसानों और बागवानों की खुशहाली तथा पिछड़े व कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने की मंजूरी मिल गई। जिला ऊना में बल्क ड्रग फार्मा पार्क की मंजूरी के लिए सरकार आशान्वित है। राज्यपाल ने धर्मशाला में हुए निवेश सम्मेलन और शिमला व मंडी में हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी उल्लेख किया।

इन योजनाओं में हुए काम गिनाए
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं में हुए कार्यों को गिनाया। उन्होंने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना, मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना, कृषि से संपन्नता योजना, जल से कृषि को बल योजना, राज्य कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम, मंडी मध्यस्थता योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पौध संरक्षण कार्यक्रम, पुष्प क्रांति योजना, मशरूम विकास योजना, कृषि उत्पाद संरक्षण योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, ट्राउट पशुधन बीमा योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आवास योजना, मातृ शक्ति बीमा योजना, जनमंच कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, जल भंडारण योजना, स्वनिधि योजना, शहरी आजीविका गारंटी योजना, बेरोजगारी भत्ता योजना, रेणुका बांध परियोजना, जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क योजना, नई राहें नई मंजिलें योजना, खेल नीति, ऊर्जा नीति, हर घर पाठशाला कार्यक्रम, उत्कृष्ट स्कूल-कॉलेज योजना, अटल स्कूल वर्दी, नारी संबल योजना, बाल संरक्षण सेवा योजना, शगुन योजना, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना, टैक्स हॉट कार्यक्रम, ई समाधान और लोक गारंटी अधिनियम को लेकर विस्तार से बताया।
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   सेवा के नहीं, जयराम सरकार की विफलता के हैं चार साल : मुकेश

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के वाकआउट के बाद कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के इंजन सीज हो चुके हैं। अभिभाषण में पढ़ा गया कि सेवा भाव के चार साल, ये सेवा के नहीं, जयराम सरकार की विफलता के चार साल गिने जाएंगे।  विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कमरे में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्र से हिमाचल को कोई भी वित्तीय मदद दिलाने में विफल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब-जब हिमाचल के  दौरे पर आए, उन्होेंने प्रदेश को कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया।

बेरोजगारी दूर नहीं की गई और प्रदेश में 14 लाख बेरोजगार हैं। जयराम सरकार बैक डोर से चहेतों को नौकरियां बांट रही है। पिछले साल बजट में जो कहा गया था, उसे कितना पूरा किया है, यह राज्यपाल के अभिभाषण में कहीं नहीं झलका। विपक्ष राज्यपाल का पूरा सम्मान करता है परंतु जो दस्तावेज सदन में पढ़ा गया, उसका हम विरोध करते हैं। प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए कुछ नहीं किया। कीटनाशक दवाएं और खाद की कोई व्यवस्था की गई है। प्रदेश में शराब माफिया, खनन माफिया, भू-माफिया, तबादला माफिया सक्रिय है। कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। राज्य में बिजली प्रोजेक्ट सिरे नहीं लग रहे। 
    
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