ऊना जिले के कुठार कलां गांव के पास हुए सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के बाद जिले में शोक की लहर है। सलोह गांव में रविवार सुबह से मातम पसरा है। गांव के दो युवकों की मौत की खबर से हर आंख नम है। राजन जसवाल छह साल से पीजीआई चंडीगढ़ में कार्यरत थे। वहां क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उनकी मौत के बाद परिजन सुधबुध खो चुके हैं।
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राजन के पिता कुलदीप जसवाल ने बताया कि बेटा शनिवार रात 8:00 बजे चंडीगढ़ से घर पहुंचा। उसकी छह साल की बेटी बीमार थी। इसके बाद घर के बाहर गाड़ी रुकी। इसमें सवार चार युवक राजन को भी साथ ले गए। उन्हें नहीं पता था कि बेटा कहां गया था। राजन का परिवार सड़क किनारे नए घर और वह पुश्तैनी मकान में रहते हैं। सुबह 4:00 बजे बहू का फोन आया तो बताया कि राजन की सड़क हादसे में मौत हो गई है। कहा कि अब राजन की बेटी, जो परछाई की तरह उसके साथ चलती थी उसे कौन देखेगा और बहू का जीवन कैसे गुजरेगा।
कहा कि मेरा बेटा छह साल से पीजीआई में क्षेत्र के लोगों की मदद कर रहा था। उसके साथ कई लोग जुड़े थे। आखिरी वक्त में उसे एक चमच पानी तक नहीं मिल पाया। वह आखिरी समय में किसे याद कर रहा होगा मुझे, अपनी मां को, बेटी को या पत्नी को, यह सोचकर दिल पसीज जाता है। आखिरी समय में उसका चेहरा तक नहीं देख पाया।
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घर का इकलौता चिराग था अमन जसवाल
हादसे में जान गंवाने वाला दूसरा युवक अमन जसवाल घर का इकलौता बेटा था। शादी के करीब तीन साल बाद बेटी का जन्म हुआ। बेटी अभी करीब तीन माह की है। उसके सिर से पिता का साया उठ गया। गांववासी बताते हैं कि अमन बेहद मिलनसार था। यही कारण है कि गांव के लोग उसे बहुत पसंद करते थे। दिसंबर में उसकी बहन की शादी को लेकर घर में तैयारियों के बीच अमन की मौत से एक झटके में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
संतोषगढ़ में क्रशर के लिए निकला था झलेड़ा का अनूप
झलेड़ा के युवक अनूप कुमार ने संतोषगढ़ में क्रशर पर अपनी जेसीबी व टिपर काम पर लगाए थे। शनिवार रात के समय क्रशर को जाने के लिए घर से निकला था। तीन भाइयों में वह सबसे छोटा था। हाल ही में उसने गाड़ी ली थी। वही गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। उसका एक भाई सऊदी अरब में है। उसके आने पर ही रविवार को अनूप का अंतिम संस्कार किया जाएगा।