औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में प्रस्तावित 220 केवी के सब स्टेशन को हिमाचल बिजली बोर्ड अब नई साइट पर बनाएगा। चिह्नित की गई भूमि के आसपास ही नई साइट देखी गई है। सब स्टेशन बनाने के लिए जंगल में झाड़ी वाली जमीन चिह्नित की गई थी। यहां सब स्टेशन निर्माण की उच्चतम न्यायालय से अनुमति नहीं मिली है। इस कारण इसका काम लटका है। काम लटकने की एवज में बिजली बोर्ड हर माह पावर ग्रिड कारपोरेशन को 5.22 करोड़ रुपये का जुर्माना भर रहा है। अब तक बोर्ड लगभग 240 करोड़ रुपये भर चुका है।
गौरतलब है कि पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और बिजली बोर्ड के बीच करार के मुताबिक प्रति माह बिजली बोर्ड को प्रोजेक्ट बनाने में हो रही लेटलतीफी की एवज में करीब पांच करोड़ रुपये जुर्माना देना पड़ रहा है। करीब 30 करोड़ का यह प्रोजेक्ट लटकने से बोर्ड अब तक लगभग 240 करोड़ भर चुका है। शनिवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया था।
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि सब स्टेशन का कार्य अति महत्वपूर्ण है। जमीन जंगल-झाड़ी वाली होने की वजह से उच्चतम न्यायालय से इसकी मंजूरी नहीं मिली है। अनुमति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य साइट भी देखी गई है। अनुमति नहीं मिलने की सूरत में दूसरी साइट पर इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
भूमि चयन के लिए हाई पावर कमेटी पिछले महीने यहां आई थी। उस दौरान वह स्वयं भी मौजूद थे। दूसरी जगह देखी गई जमीन पर सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, जमीन के चयन के संदर्भ में किसी भी तरह की जांच या कार्रवाई की बात उन्होंने नहीं की। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति नहीं मिलने से इसके कार्य में देरी हुई है।