प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए राज्य सहकारी बैंक सब्सिडी पर ऋण देगा। बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में प्रदेश सरकार की दो ऋण योजनाओं को बैंक में लागू करने का फैसला लिया गया। बैंक के अध्यक्ष खुशीराम बालनाटाह की अध्यक्षता में बैठक हुई।
प्रदेश में शिक्षित बेरोजगार नौजवानों को स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने और आजीविका उपार्जन की दिशा में सरका की ओर से शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना और मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना को सहकारी बैंक जल्द ही अपनी सभी शाखाओं के माध्यम से लागू करेगा।
बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाटाह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में बैंक 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के इच्छुक प्रार्थियों को नई इकाईयों को लगाने के लिए अधिकतम 40 लाख तक की ऋण सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के प्रोत्साहन स्वरूप सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 से 30 प्रतिशत की सब्सिडी का प्रावधान रखा है। शुरू के तीन वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री आजीविका योजना ऋण पॉलिसी में 18 से 40 आयु वर्ग के इच्छुक प्रार्थी ऋण सुविधा लेने के लिए पात्र होंगे। यह योजना भी सब्सिडी आधारित योजना है। ऋण राशि पर देय ब्याज दर में 2 प्रतिशत से लेकर 8 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। जो प्रथम वर्ष 8 प्रतिशत और आगामी दो साल में 2 प्रतिशत की दर से देय होगी। प्रार्थी 60 लाख तक की ऋण सुविधा बैंक से ले सकता है।
बैंक के निदेशक शेर सिंह चौहान, प्रियव्रत शर्मा, बलदेव भंडारी, राम गोपाल ठाकुर, प्रेम सोनी, पितांबर नेगी, विनय नेगी, द्रौपती ठाकुर के अलावा नाबार्ड के शिमला स्थित क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख, मुख्य महा प्रबंधक रणबीर सिंह और बैंक के प्रबंध निदेशक डॉ. पंकज ललित उपस्थित रहे।
त्योहारी सीजन पर माफ की प्रोसेसिंग फीस
बैंक प्रबंधन ने त्योहारी सीजन को देखते हुए ग्राहकों को 10 अक्तूबर से लेकर 10 नवंबर 2018 तक बैंक शाखाओं से गृह ऋण, वाहन ऋण और समस्त सरकारी कर्मचारियों को मासिक वेतन के विरुद्ध ऋण सुविधा लेने के लिए प्रोसेसिंग शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है।
जमाधन सावधि योजना से टैक्स में मिलेगी छूट
बैंक ने अपने जमा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करने के मद्देनजर टैक्स बचत जमाधन सावधि योजना को लागू करने का भी निर्णय लिया है। कोई भी व्यक्ति 100 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक का निवेश 5 वर्ष व अधिकतम 10 वर्षों की अवधि के लिए कर सकता है। निवेश राशि पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट के लाभ के लिए योग्य होगा।
बैंक में कार्यरत अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के हितों और उनकी सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए निदेशक मंडल ने मृत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को करूणामूलक आधार पर नियुक्ति बारे अपनी संस्तुति प्रदान की। बैंक ने सहकारी बैंक कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना के लिए अपने अंशदान को सालाना शुद्ध लाभ का 3 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत करने को भी स्वीकृति प्रदान की।