हिमाचल सरकार सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त कर लगाने जा रही है। इसके लिए सूबे के सेब उत्पादकों और शराब के शौकीनों की जेब कटेगी। प्रदेश सरकार 11 तरह के टैक्स को बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश रूरल रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में बदलाव किया जा रहा है। नए प्रारूप के तहत शराब की प्रति बोतल पर एक रुपये ज्यादा वसूले जाएंगे। बाहरी राज्यों में सेब का निर्यात करने वाले बड़े बागवानों और कृषि उत्पादों की आवाजाही पर भी और कर लगाया जाएगा।
इसके अलावा होटल कारोबारियों से अतिरिक्त लग्जरी टैक्स, पेट्रो पदार्थों, टोल टैक्स, वाहनों के पंजीकरण पर भी कर बढ़ाने का प्रस्ताव है। राज्य में खनिज और उद्योग उत्पादों के परिवहन पर अतिरिक्त कर लिया जाएगा। सड़क के किनारे होर्डिंग लगाने वाली कंपनियां और फोन केबल बिछाने वाली संचार कंपनियाें भी अधिक टैक्स के दायरे में आएंगी।
यही नहीं सीमेंट बनाने वाली कंपनियों और बिजली परियोजनाओं के प्रबंधन से भी योगदान राशि लेने पर विचार चल रहा है। इस अतिरिक्त कर से सड़कों की मरम्मत की बात कही जा रही है। ये राशि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और नाबार्ड की सड़कों पर खर्च होगी।