भरमौर के एलहमी वन कटान मामले में पुलिस मुख्य आरोपी को खोज रही है और वह अखबार को इंटरव्यू दे रहा है। जी हां, दुर्गम जंगल में सूखे के नाम पर हरे दरख्त वन निगम के एक ठेकेदार जैसी राम ने काटे थे। भरमौर से धर्मशाला पहुंचे जैसी राम ने दावा किया कि कटान की सीडी होली के एक पंचायत प्रधान मांगणी राम ने 8 नवंबर को बनाई। ऐसी ही सीडी पर भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने सदन में दावा किया था कि वह 16 नाले पार कर कटान तक पहुंचे और सीडी बनाई।
अब असली सीडी कौन है और ये किसके जरिए विपक्ष तक पहुंची, ये जांच का विषय है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी सदन में कह चुके हैं कि वह जानते हैं सीडी विपक्ष को किसने दी? इसी सीडी पर कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने भी अपनी ही सरकार के वन मंत्री को सदन में घेरा था। बुधवार रात को जैसीराम धर्मशाला पहुंचा।
उसके साथ भलोट पंचायत का पूर्व प्रधान देवराज भी था। जैसी ने अमर उजाला को बताया- हम दोनों ने ए क्लास ठेकेदार शुभकरण के नाम से एलहमी जंगल में 1116 सूखे पेड़ काटने के लिए ठेका लिया था। तभी चंद्रोणधार जंगल में 555 पेड़ों के कटान के लिए मैंने टेंडर भरा।
800 पेड़ काट दे तो 30 लाख रुपये दूंगा
होली का ठेकेदार मांगणी राम भी ये टेंडर चाहता था। मुझे काम चाहिए था, इसलिए मैंने मांगणी राम को टेंडर न भरने को कहा। बदले में उसने ऑफर दिया कि यदि एलहमी बीट में करीब 800 पेड़ काट दे तो 30 लाख रुपये दूंगा और अगले साल हम दोनों एक साथ घाल डालेंगे। जंगल की लकड़ी को नदी के पानी में डालकर ले जाने को घाल कहते हैं। सितंबर-अक्तूबर में लेबर लगाई। 9 लोगों की लेबर ने डीजल के आरों से करीब 150 पेड़ काटे।
मांगणी 8 नवंबर को भद्रखड्ड को देखने के बहाने एलहमी आया। इसी खड्ड से घाल जानी थी। उसके साथ राणा नाम का एक व्यक्ति था। उसने खुद को पत्रकार बताया और वीडियो कैमरे से फिल्म बनाई। मैंने मांगणी से कहा कि कटान के बदले कुछ पेमेंट कर दे। लेकिन मांगणी ने धमकी दी-यदि पैसे मांगे और किसी और को बताया तो जान से मार दूंगा।
'वन मंत्री भरमौरी ने मुझे 20 लाख पेनल्टी लगाई'
शुभकरण की शिकायत पर वन मंत्री भरमौरी ने मुझे 20 लाख पेनल्टी लगाई थी। अब इस सीडी से शुभकरण ब्लैकलिस्ट होगा और भरमौरी की झंडी उतरेगी। जैसी ने बताया कि मांगणी भाजपा सरकार के समय बड़ा ठेकेदार था। उसकी धमकी के बाद मैं अंडरग्राउंड हो गया। एफआईआर और विधानसभा में हल्ला होने के बाद देवराज मेरे पास आया और सारी कहानी बताई। पुलिस मुझे ढूंढ रही है, पर मैं पहले वन मंत्री से मिलना चाहता हूं।
गौरतलब है कि इसी केस में 101 हरे पेड़ काटने पर अज्ञात लोगाें के खिलाफ एफआईआर वन विभाग ने करवाई है। अमर उजाला जैसी राम के दावों की सत्यता की पुष्टि भी नहीं कर रहा, लेकिन ये भी जांच का विषय है कि अवैध कटान का आरोपी पुलिस से पहले मीडिया तक कैसे पहुंच गया? इस केस में बहुत जल्द कई गिरफ्तारियां होने वाली हैं। पुलिस जांच में कई और राज भी खुलेंगे।