विकास दांउटू भी घर से बाहर आने की कोशिश करने लगा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी उसे बाहर निकालने के प्रयास किए। लेकिन आग की तेज लपटों के कारण विकास को घर से बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना में विकास जिंदा ही घर के अंदर जल गया। सुखचैन दांउटू व सुरेंद्र दांउटू जलते हुए मकान से बाहर निकलने में तो कामयाब हुए। लेकिन इस दौरान वह दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
दोनों बेहोशी की हालत में ग्रामीणों को घर के आंगन में मिले। जिसके बाद दोनों को घायल अवस्था में प्राथमिक उपचार के लिए संदासू अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें सिविल अस्पताल रोहड़ू रेफर किया गया। सूचना मिलने के बाद रोहड़ू व जुब्बल से दमकल वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुए। घटनास्थल पर दमकल वाहन करीब साढ़े चार बजे पहुंचा। लेकिन तब तक सात मकान आग की भेंट चढ़ चुके थे।
हालांकि दमकल वाहन की मदद से गांव के शेष एक दर्जन मकानों को जलने से बचा लिया गया। घटना में गांव में शिष्टवाड़ी देवता का तीन सौ वर्ष पुराना प्राचिन मंदिर भी जलकर राख हो गया। मंदिर मे रखी देवता की मूर्तियां व अन्य कीमती सामान भी जलकर राख हो गया है।
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप व एसडीएम रोहडू बीआर शर्मा ने नुकसान का जायजा लिया। तथा प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत, बर्तन , दो-दो कंबल व राशन सामग्री भी बांटी। डीएसपी रोहडू सुनील नेगी, तहसीलदार चिड़गांव नरोतम गौड व थाना प्रभारी चिड़गांव अश्वनी ठाकुर भी इस दौरान उपस्थित रहे।