सोमवार सुबह आठ बजे के करीब चांजू नाले के पास पहाड़ दरकने से सड़क का 200 मीटर हिस्सा मलबे और चट्टानों से दब गया। गनीमत यह रही कि घटना के समय कोई वाहन या राहगीर वहां से गुजर नहीं रहा था अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
चांजू नाले में निर्माणाधीन पुल के पास सोमवार सुबह आठ बजे हुए भारी भूस्खलन से चंबा-तीसा मार्ग साढ़े सात घंटे तक बंद रहा। सड़क बंद होने से देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सिविल अस्पताल तीसा से रेफर मरीजों सहित अन्य छोटी गाड़ियां और बसों को वाया हिमगिरी, बरोटी और सलूणी 50 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर चंबा पहुंचना पड़ा।
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वहीं, गाड़ियों में सफर कर रहे लोगों को काफी परेशानियों का सामान करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभाग की लेबर और मशीनरी ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाया। सड़क बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि जिले में भारी बारिश के बाद अब धूप खिलने के साथ ही पहाड़ दरकना शुरू हो गए हैं। सोमवार सुबह आठ बजे के करीब चांजू नाले के पास पहाड़ दरकने से सड़क का 200 मीटर हिस्सा मलबे और चट्टानों से दब गया। गनीमत यह रही कि घटना के समय कोई वाहन या राहगीर वहां से गुजर नहीं रहा था अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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सड़क के भूस्खलन से बाधित होने पर कई ग्रामीण अपने रिस्क पर मलबे और पत्थरों को पार करते हुए चांजू नाले को पार कर दूसरे छोर तक पहुंचे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि सड़क को बहाल करवा दिया गया है।