बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रजतगिरी ने कहा कि उन्हें प्रस्ताव के बारे में जानकारी नहीं है। वह मंदिर में सरकार का एक भी पैसा नहीं लगने देंगे। रजतगिरी के बयान पर सवाल उठ रहा है कि अगर बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट जब कह रहा है कि वह मंदिर पर सरकार का एक भी पैसा नहीं लगने देगा तो सरकार ने ट्रस्ट को बिना जानकारी दिए शिमला से खुद ही 3.3 करोड़ का प्रस्ताव क्यों और किसके निर्देशों पर बनाया।
पर्यटन विभाग जिला कांगड़ा की उपनिदेशक सुनैना शर्मा ने माना कि बगलामुखी मंदिर के कायाकल्प पर विभाग ने केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 3.3 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव पिछले वर्ष बनाया था। यह प्रस्ताव शिमला से बनाया गया था। हमें जानकारी तब मिली जब साइट विजिट के लिए पत्र मिला। पर्यटन विकास निगम ने मंदिर के कायाकल्प के प्रस्ताव की डीपीआर बनाकर सरकार के पास जमा करवा दी है। अब केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद 3.3 करोड़ रुपये जारी होंगे।