कृषि मंत्री मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा (फाइल फोटो)
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प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों के आढ़तियों का पंजीकरण एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इससे उनको अब पंजीकरण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कर्फ्यू के चलते आढ़ती प्रदेश में नहीं आ रहे थे। उन्हें पहले शिमला में पंजीकरण करवाना पड़ता था। कृषि मंत्री मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी कृषि और बागवानी पर निर्भर है, ऐसे में यह बहुत आवश्यक है कि किसानों को हर संभव सुविधाएं प्रदान की जाएं।
दिल्ली की आजादपुर मंडी केवल तीन घंटे खुली रहती थी। इससे हिमाचल प्रदेश से जाने वाली नकदी फसलों को बेचने का समय नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री और उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय कृषि मंत्री से आजादपुर मंडी को 24 घंटे खुला रखने का आग्रह किया। वर्तमान में पर्याप्त संख्या में व्यापारी प्रदेश की नकदी फसलों की खरीद के लिए आ रहे हैं।
विपणन की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए प्रदेश के लिए हेल्पलाइन नबंर जारी किया गया है। उन्होंने किसानों-बागवानों से किसान रथ ऐप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करने का आग्रह किया। ऐप के साथ 5.70 लाख ट्रक, 20 हजार ट्रैक्टर तथा 14 हजार वाणिज्यिक केंद्रों का पंजीकरण किया गया है।
किसी किसान-बागवान को अपने उत्पादों के विपणन के लिए ट्रक की जरूरत पड़े, या फिर बिजाई के लिए ट्रैक्टर की अथवा कृषि कार्यों से जुड़े किसी उपकरण की आवश्यक हो, तो सीधे इस ऐप के माध्यम से घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।
फल-सब्जियों के अधिक दाम वसूलने पर कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि निर्धारित मूल्यों से अधिक दाम पर फल-सब्जियां बेचने वालों पर जिला प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।