हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि कहीं न कहीं प्रशासन से बड़ी चूक हुई है। राठौर ने कहा कि वह इस दुर्घटना पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं, लेकिन अगर समय पर मशीनरी पहुंच गई होती तो कुछ और लोगों की जान बच सकती थी।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि किन्नौर जिले के निगुलसरी में जहां बस गिरी थी, वहीं हाईवे पर गिरा मलबा फेंक दिया गया। इससे नीचे मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना कम हो गई। प्रेस वार्ता के दौरान राठौर ने कहा कि इस भयावह हादसे के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर 12 बजे दुर्घटना हुई, लेकिन रामपुर प्रशासन और एनएच प्राधिकरण की ओर से शाम पांच बजे तक कोई मशीनरी न पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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कहीं न कहीं प्रशासन से बड़ी चूक हुई है। उन्होंने कहा कि वह इस दुर्घटना पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं, लेकिन अगर समय पर मशीनरी पहुंच गई होती तो कुछ और लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीम, आईटीबीपी, आपदा प्रबंधन दल, भारतीय सेना और अन्य बचाव दल दिन-रात एक कर मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। सरकार ने घायलों को पांच हजार और मृतकों के परिजनों को 20 हजार रुपये की राहत राशि दी है।
यह बहुत कम है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को पूरी तरह से मदद की जाए। हादसे में जान गंवाने वालों में अगर किसी परिवार में कोई सदस्य कमाने वाला न हो तो उनके परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। आने वाले समय में वैज्ञानिक तरीके से सड़कों का निर्माण किया जाए। उन्होंने मंडी संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान देखा कि लोगों में कांग्रेस के प्रति काफी उत्साह है। मुख्यमंत्री अपने जिले में ही विकास का कोई काम नहीं कर रहे हैं।