मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के वित्त मंत्री के रूप में अपना दूसरा बजट विधानसभा में पेश किया।मुख्यमंत्री ने 44,387.73 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जबकि पिछला बजट 41,440 करोड़ रुपये का था। इस तरह से यह सात फीसदी यानी 2,948 करोड़ रुपये बढ़ा है।
7,352 करोड़ के राजकोषीय घाटे वाले इस बजट की क्षतिपूर्ति लगभग 5069 करोड़ रुपये का कर्ज उठाकर की जाएगी। जयराम ठाकुर ने अपने इस दूसरे बजट में 15 नई स्कीमों को लागू करने की भी घोषणा की है। जानिए बजट में विभिन्न वर्गों के लिए कई बड़ी घोषणाएं और नई योजनाएं।
बजट में आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के युवाओं को नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा। 2019-20 के लिए वार्षिक योजना का आकार 7,100 करोड़ होगा।
केंद्र सरकार के सहयोग से एक साल में 10,330 करोड़ की परियोजनाएं अनुशंसित करवाई गईं। विधायक प्राथमिकता योजनाओं को नाबार्ड द्वारा वित्तीय पोषण के लिए वर्तमान निर्धारित सीमा 90 करोड़ को बढ़ाकर 105 करोड़ रुपये प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र किया जाएगा।
विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत वर्तमान प्रावधान को 1.25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र किया जाएगा।माननीय विधायकों की विवेक अनुदान राशि को बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया जाएगा।
विधायक क्षेत्र विकास निधि से माननीय विधायक पंजीकृत युवक मंडलों को 25,000 रुपये तक की खेल सामग्री व खेल उपकरण हेतु प्रति युवक मंडल प्रदान कर पाएंगे। महिला मंडलों के लिए भी इस राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया जाएगा।
आपातकाल के दौरान एमआईएसए के तहत हुई गिरफ्तारियों से प्रताड़ित व्यक्तियों को 11,000 रुपये वार्षिक लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। 136 अतिरिक्त जीटूसी सेवाओं को पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत कर ई-डिस्ट्रक्ट पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
20 हजार पदों को भरने का एलान
सामाजिक सुरक्षा पेंशन अब 850 और 1500 रुपये प्रदान की जाएगी। इस क्षेत्र के लिए 642 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। एसएसबी में अफसर बनने को कोचिंग के लिए अब राशि 6 हजार की बजाय 12 हजार देने की घोषणा। राज्य की जयराम सरकार ने अपने 2019-20 के बजट में युवाओं के लिए दर्जन भर योजनाओं से नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बजट में सरकारी और निजी क्षेत्र में करीब 20 हजार नौकरियां और डेढ़ लाख युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में कौशल विकास करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
करीब तीन हजार युवाओं को पर्यटन परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करेगा। करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आयु सीमा 50 की बदले सेवानिवृत्ति तक निर्धारित की जाएगी। सरकार 100 करोड़ रुपये कौशल विकास भत्ते पर व्यय करेगी। सरकार ने सरकारी क्षेत्र में एक साल में 20 हजार नौकरियां प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। इसमें सर्वाधिक 8000 शिक्षक के पद भरे जाएंगे, जबकि पैरामेडिकल एवं नर्स के 3000, चिकित्सक 300, कनिष्ठ कार्यालय सहायक 1000, पटवारी 400, कांस्टेबल 1400, वन रक्षक 200, कनिष्ठ अभियंता 200, सहायक अभियंता 50, एचआरटीसी में विभिन्न श्रेणियों के 800, बिजली बोर्ड में 800 और अन्य विभागों में 3500 पद भरे जाएंगे।
श्रम एवं रोजगार विभाग के माध्यम से प्रदेश में नौ बड़े रोजगार मेले और 120 कैंपस साक्षात्कार करवाकर करीब 10000 युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार आठ चयनित हस्तकलाओं में 5000 युवाओं को हस्तशिल्प कला में प्रशिक्षण देगी।नवधारणा योजना के तहत 3200 हिमाचली युवाओं को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क और 300 दिव्यांगों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश के 47 आईटीआई में 29 ट्रेड से संबंधित नए उपकरण स्थापित करके 5400 नए प्रशिक्षुओं को प्रवेश, सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत युवाओं और दस्तकारों को कौशल प्रशिक्षण। छह अन्य महाविद्यालयों और 80 स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू कर बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा। बाल आश्रम में रहने वाले 1600 बच्चों को 18 साल की आयु परी करने पर ऑफ्टर केयर होम में रखकर कौशल प्रशिक्षण किया जाएगा।
हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत मिलेगा ये लाभ
उच्च और अत्याधुनिक तकनीक से एक राज्य स्तरीय लोक सुरक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुविधा” की स्थापना होगी। राज्य सरकार को आम नागरिक के करीब लाने के लिए माईजीओवी पोर्टल शुरू किया जाएगा।
केंद्र सरकार की “उज्जवला” योजना में प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से एक सिलिंडर, गैस चूल्हा एवंपाइप देगी। “हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना” और केंद्रीय “उज्जवला“ योजना के लाभार्थियों को एक अतिरिक्त गैस रिफिल मुफ्त दिया जाएगा। इसका लाभ 2 लाख परिवारों को मिलेगा।
कृषि क्षेत्र के लिए ये बड़ी घोषणाएं
लोगों की मांग/सुझाव को देखते हुए फसल संरक्षण हेतु ”मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत कांटेदार तार/चेन लिंक बाड़ लगाने के लिए 50 प्रतिशत सहायता प्रदान की जाएगी। प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए देसी नस्ल की गाय खरीदने के लिये 50 प्रतिशत उपदान दिया जाएगा।
कृषकों द्वारा सिंचाई के लिये बिजली की दर घटाकर 50 पैसे प्रति यूनिट की जाएगी। 2019-20 में “नादौन मध्यम सिंचाई परियोजना“ को पूरा कर इसे चालू कर दिया जाएगा। “फिना सिंह सिंचाई परियोजना” को गति प्रदान की जाएगी।
स्वां नदी बाढ़ प्रबंधन परियोजना और छौंच खड्ड तटीकरण परियोजना को और गति दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश बाढ़ एवं नदी प्रबंधन परियोजना के पहले चरण में 1,235 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 1,850 करोड़ रुपये भारत सरकार द्वारा बाह्य सहायता से कार्यान्वित की जाएगी।
”मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मज़दूर जीवन सुरक्षा योजना“ में मिलने वाली राषि दोगुनी होगी। 150 करोड़ रुपये की “मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाउस परियोजना” शुरू की जाएगी। एंटी हेलनेट के तहत बजट को 100 प्रतिशत बढ़ा कर 20 करोड़ रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री खुंब विकास योजना“शुरू की जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ा तोहफा
शहर स्थानीय निकायों में नप सदस्यों का मानदेय 2500, उपाध्यक्ष को 4000 और अघ्यक्ष को 5500 रुपये प्रति माह देने का एलान किया गया। शिमला और धर्मशाला नगर निगम के पार्षदों का मानदेय 5500, उप महापैर को 8500 और महापौर को 12 हजार देने का एलान किया। राजस्व चौकीदारों का मानदेय बढ़ाकर 3500 रुपये करने की घोषणा। ग्राम सभा सदस्य को अब मानदेय 250 रुपये, उप प्रधान को 3000 रुपये, प्रधान को 4500 मानदेय मिलेगा।
पंचायत समिति सदस्य को 4000, उपाध्यक्ष को 5000 रुपये, अध्यक्ष को 7000 रुपये, जिप सदस्य को 5000 रुपये, उपाध्यक्ष को 8000 रुपये और अध्यक्ष को 12000 मानेदय दिया जाएगा। पंचायत चौकीदारों को अब 4500 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों के लिए अब सरकार का अंशदान 10 से बढ़कर 14 फीसदी किया। इससे 80 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशन अब 850 और 1500 रुपये प्रदान की जाएगी। एसएसबी में अफसर बनने को कोचिंग के लिए अब राशि 6 हजार की बजाय 12 हजार देने की घोषणा।
इन शिक्षकों का वेतन बढ़ा, पत्रकारों को लैपटॉप
हिमाचल सरकार ने बजट में राज्य व जिला स्तर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को एक-एक लैपटॉप देने की घोषणा की है। सेवारत पत्रकारों की मौत पर अब सरकार चार लाख रुपये देगी। पहले यह राशि दो लाख थी। सेवानिवृत्त पत्रकारों की मौत पर सरकार अब 50 हजार की बजाय 1 लाख रुपये देगी।
बजट में शिक्षा के क्षेत्र में 15 नए आदर्श विद्या केंद्र खोलने की घोषणा हुई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 6500 से अधिक पीटीए और पैरा शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इसका एलान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीटीए, पैरा शिक्षकों की सेवाओं का शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कानूनी अड़चनों के चलते इन शिक्षकों को नियमित नहीं किया जा सकता है, लेकिन इन शिक्षकों की वित्तीय कठिनाइयों से सरकार अवगत है।
ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि अनुबंध पर नियुक्त ऐसे पीटीए, पैरा शिक्षकों जिन्होेंने पहली अक्तूबर 2018 तक तीन साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पे बैंड की न्यूनतम राशि जमा ग्रेड पे और महंगाई भत्ता के बराबर राशि दी जाएगी।
वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 5000 अनुबंध पीटीए, 1368 लेफ्ट आउट पीटीए और 122 पैरा नियुक्त हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीरियड बेसिस पर नियुक्त इन शिक्षकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया है। सरकारी स्कूलों में नियुक्त 3400 पैट और 1350 कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बजट में कुछ नहीं मिला। यह शिक्षक भी सरकार से वेतन बढ़ोतरी और नियमितीकरण की आस लगाए बैठे थे।
किसानों को ये सौगात दी
राज्य में 1,688 करोड़ रुपये की एचपीशिवा बाह्य सहायता से लागू की जाएगी। 11 करोड़ रुपये की लागत से साहीवाल व रेडसिंधी पशुधन प्रजनन फार्म स्थापित किया जाएगा। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे किसानों की आय को बढ़ाने के लिये 85 प्रतिशत उपदान पर बकरियां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्नत नस्ल की भेड़ों का आयात किया जाएगा। 11 करोड़ रुपये की लागत से मुर्रा नस्ल की भैंसों का फार्म स्थापित किया जाएगा। दत्तनगर जिला शिमला एवं चक्कर, जिला मंडी में 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता के दूध प्रसंस्करणसंयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
दूध खरीद मूल्य को 2 रुपये प्रति लीटर की दर से बढ़ाया जाएगा। 2019-20 में 100 ट्राउट ईकाइयों की स्थापना होगी और कार्प मच्छली उत्पादन के लिये लगभग 10 हैक्टेयर में नए तालाबों का निर्माण भी किया जाएगा। कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों में मत्स्य खुदरा विक्रय केंद्रों की स्थापना की जाएगी। मत्स्य पालकों की ईकाइयों को बीमाकृत किया जाएगा।
ये नई योजनाएं शुरू होंगी
विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की आवासीय योजनाओं के तहत वर्तमान उपदान के अतिरिक्त 20,000 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से राज्य की ओर से अपने संसाधनों से प्रदान किए जाएंगे। “मुख्यमंत्री आवास योजना” के तहत आवासों की मुरम्मत हेतु अब 35,000 रुपये दिए जाएंगे। समाज को बेटियों व वृक्षों की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु जागरूक करने के लिये एक नई योजना “एक बूटा, बेटी के नाम” लागू की जाएगी।
जंगलों की आग की रोकथाम हेतु एसएमएस सेवा के माध्यम से व्यापक जन अभियान चलाया जाएगा। चीड़ की पत्तियों पर आधारित 25 लघु उद्योगों को उपदान देकर स्थापित किए जाएंगे।
एक नई योजना “मुख्यमंत्री ग्रीन टेक्नोलॉजी ट्रंसफर स्कीम” शुरू की जाएगी। ऊना और चंबा जिलों में “एकीकृत सहकारिता विकास परियोजना”आरंभ की जाएगी। सहकारी समितियों के लेखा परीक्षण के लिये 250 ऑडिटर्ज़ को सूचीबद्ध किया जाएगा।
वन्य कर्मियों को हथियार, 500 बस्तियों को स्वच्छ पेयजल
200 अति संवेदनशील बीटों में तैनात वन्य कर्मियों को 15,000 रुपये तक का अनुदान देकर निजी हथियार उपलब्ध करवाए जाएंगे। राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) का गठन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वजल योजना से सरकार हर घर को नल देगी। सरकार ने बजट में प्रावधान किया है कि गरीब परिवारों को पचास मीटर पाइप सरकार 50 फीसदी उपदान में देगी। महिलाओं को पानी के लिए घरों से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उनका समय भी बचेगा।
1 जनवरी, 2000 से पूर्व की 562 पुरानी ग्रामीण पेयजल योजनाओं के नवीनीकरण की 798 करोड़ रुपये की परियोजना को कें द्र सरकार ने संस्तुति प्रदान की है। 7217 ग्रामीण बस्तियों के दस लाख लोगों को लाभ होगा।
इस योजना को एशिया डेवलपमेंट बैंक की मदद से चलाया जाना है। इस परियोजना से ग्रामीण बस्तियों के दस लाख लोगों को लाभ मिलेगा। वर्ष 2019-20 में 500 बस्तियों को स्वच्छ पेयजल सुविधा दी जाएगी।
आंशिक रूप से कवर बस्तियों को पूर्ण पेयजल सुविधा देने के लिए 3267 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना केंद्र को भेजी थी। केंद्र ने पहले चरण में 700 करोड़ की संस्तुति की है।
इससे 943 गांवों की 2427 ग्रामीण बस्तियों को लाभ होगा। 49 विधानसभा क्षेत्रों की 61 पेयजल योजनाओं के लिए 2567 करोड़ की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
गरीब परिवारों को नए विद्युत कनेक्शन पर राहत
“मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना” के तहत अब अधिकतम आयु सीमा 45 साल होगी और अधिकतम निवेश 60 लाख रुपये किया जाएगा। एक नई “मुख्यमन्त्री दस्तकार सहायता योजना”शुरू की जाएगी।
कांगड़ा के चन्नौर, बिलासपुर के गेहड़वीं व ऊना के बसौली बनगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। 2019-20 में 500 मैगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू होने की संभावना है।
चांजू-3 और दियोथल चांजू जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र किया जाएगा।“मुख्यमंत्री रोशनी योजना” आरंभ की जाएगी। इसके तहत गरीब परिवारों को नए विद्युत कनेक्शन हेतु कोई सर्विस चार्जिज़ नहीं देने पड़ेंगे। बिजली पर सब्सिडी के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान।
पर्यटन क्षेत्र के लिए ये बड़ी घोषणाएं
पर्यटन विकास और प्रोत्साहन क्षेत्र के लिए नई पर्यटन नीति तैयार की जाएगी। राज्य सरकार ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मास्टर प्लान किया जाएगा। पौंग क्षेत्र विकास बोर्ड की स्थापना की जाएगी।
धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के मकसद से मंडी जिले में एक “ शिव धाम ” स्थापित किया जाएगा। बाह्य सहायता से 1,892 करोड़ रुपये की एक पर्यटन आधारभूत संरचना परियोजना आरंभ की जाएगी।
कौशल विकास भत्ता योजन के लिए 100 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान होगा। परिवहन निगम द्वारा आईपीटीएमएस प्रणाली की स्थापना की जाएगी। नई विद्युत वाहन नीति तैयार की जाएगी।
सड़कों के निर्माण तथा रख-रखाव के लिये आईआरसी मान्यता प्राप्त गैर-पारंपारिक सामग्री और नई तकनीक का उपयोग पॉयलट आधार पर किया जाएगा।
इतनी नई सड़कों का निर्माण होगा
हिमाचल में 750 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। 850 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर पुलियों ,1,500 किलोमीटर पक्की सड़कों और 50 पुलों का निर्माण किया जाएगा।
50 नए गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। जीएसटी में पंजीकरण हेतु वार्षिक टर्नओवर सीमा को 40 लाख रुपये तक बढ़ाया जाएगा। टर्नओवर की कंपोजिशन लिमिट को बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया जाएगा।
सीजीसीआर, पीजीटी और एजीटी को ऑनलाइन और ‘मोबाईल ऐप’के माध्यम से जमा करने की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। विद्यालयों में वीडियो सम्मेलन कक्षों की स्थापना की
जाएगी।
खेल के क्षेत्र में ये नई योजनाएं शुरू होंगी
राज्य में “खेल से स्वास्थ्य योजना” आरंभ की जाएगी। नई “अटल निर्मल जल योजना” के तहत वाटर फिल्टर लगाए जाएंगे। “नवधारणा ” योजना के तहत दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण के लिए कार्यक्रम का शुरू किया जाएगा।
50 आईटीआई को और आधुनिक बनाया जाएगा। 5,500अतिरिक्त विद्यार्थी आईटीआई में दाखिला ले सकेंगे। “ मुख्यमंत्री युवा निर्माण योजना” के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो बड़े खेल के मैदानों का निर्माण किया जाएगा।
इसमें जिम सुविधा भी उपलब्ध होगी। “खेलकूद प्रतिभा खोज कार्यक्रम” शुरू किया जाएगा। परफार्मिंग आर्टस आदि में अध्ययन के लिए “ मुख्यमंत्री कलाकार प्रोत्साहन योजना“ शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ये घोषणाएं
500 स्वास्थ्य उप-केंद्रों और 125 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं वेलनैस केद्रों में परिवर्तित किया जाएगा।“सम्पूर्ण स्वास्थ्य योजना” के तहत 12 स्वास्थ्य संस्थानों को स्तरोन्नत किया जाएगा।
लाल बहादुर शास्त्री आयुर्विज्ञान महाविद्यालय मंडी एवं डॉ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन में हृदय एवं संबंधित रोगों के उपचार के लिए कैथ लैब की स्थापना की जाएगी।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में डिजिटल सबटेक्शन एंजियोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से संबंधित गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीज़ों को आर्थिक सहायता देने के मकसद से एक नई योजना ‘सहारा’ का शुरू किया जाएगा।
एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्तियों के भत्ते को 1,500 रुपये प्रति माह किया जाएगा। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 1,100 रुपये किया जाएगा। ब्रेस्ट तथा सरवाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन तैनात किए जाएंगे।
पांच लाख से अधिक पेंशनरों को तोहफा
आशा वर्कर्ज का मानदेय बढ़ाया जाएगा। हिम केयर के तहत ऐसे मनरेगा मजदूरों, जिन्होंने कम से कम 50 दिन का रोज़गार प्राप्त किया हो, और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली विधवाओं को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा।
आउटसोर्स कर्मियों को यह कवर रियायती दर पर दिया जाएगा। 45 साल से कम आयु की विधवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु आवश्यक सहायता का प्रावधान किया जाएगा। इन विधवाओं को आईटीआई एवं नर्सिंग शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए आरक्षण भी दिया जाएगा।
बाल आश्रम में रहने वाले बच्चों को 18 साल की आयु पूर्ण करने पर अलग से ‘आफ्टर केयर होम’ स्थापित किए जाएंगे। इन बच्चों को फलेक्सी आईटीआई के तहत कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सुरक्षा और नशामुक्ति के लिए ये घोषणाएं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा। प्रदेश के सभी पांच लाख से अधिक पेंशन धारकों की पैंशन को बढ़ाया जाएगा। नूरपुर में युद्ध स्मारक का निर्माण होगा।
एसएसबी कोचिंग हेतु प्रोत्साहन राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 की जाएगी।प्रदेश भर की 100 पुलिस चौकियों को रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों के तौर पर नामित किया जाएगा और मुख्य आरक्षियों को भी आबकारी मामलों की जांच के लिए अधिकृत किया जाएगा।
स्नातक आरक्षियों को भी कुछ मामलों में जांच शक्तियां दी जाएंगी। मादक पदार्थों की तस्करी तथा प्रयोग को रोकने के लिए “युवा नव जीवन बोर्ड” की स्थापना की जाएगी। 5 नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
लाखों उपभोक्ताओं को राहत, महंगी नहीं होगी बिजली
चुनावी साल में प्रदेश सरकार घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली की महंगी दरों का बोझ नहीं डालेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने साल 2019-20 में घरेलू उपभोक्ताओं को उपदान दरों पर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए सहर्ष 475 करोड़ रुपये का बजट देने की घोषणा की है।
इससे संभावित है कि इस साल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बीते साल भी सरकार ने बिजली बोर्ड को उपदान दरों पर बिजली देने के लिए 475 करोड़ का बजट दिया था। इसके चलते सरकार ने साल 2018-19 में बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं की थी।
हिमाचल के साढ़े 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को अप्रैल महीने से बिजली की महंगी दरों का झटका लगने की संभावना बहुत कम है। सरकार से अनुदान मिलने से बिजली बोर्ड को बड़ी राहत मिली है।
475 करोड़ के अनुदान से बोर्ड अपने घाटे को कम कर सकता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2018-19 की दरें ही साल 2019-20 में भी लागू रहेंगी। बता दें कि बीते साल हुए घाटे का हवाला देेते हुए बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग में पिटीशन दायर की है।
इसमें हालांकि दरें बढ़ाने की मांग नहीं की है, लेकिन बिजली बोर्ड का खर्च बढ़ने और बीते साल भी दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक स्थिति को खराब बताया गया है।
किस क्षेत्र को कितना बजट
शिक्षा : 7598 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य : 2482
ऊर्जा : 1208
पेयजल प्रबंधन : 1948 करोड़
सड़कों का रखरखाव : 3921
जनजातीय विकास : 1664
सामाजिक न्याय : 2543 करोड़
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज : 548 करोड़
बागवानी : 474 करोड़
सिंचाई योजनाएं : 1260 करोड़
बगलामुखी मंदिर, मंडी और पालमपुर में स्थापित होंगे रज्जू मार्ग
शिमला और मनाली में ओवर हेड मास रेपिड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से बगलामुखी मंदिर, मंडी और पालमपुर के न्यूगल में रोपवे स्थापित करने की घोषणा की है। इसके अलावा शिमला और मनाली में ओवर हेड मास रेपिड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम स्थापित करने के लिए फिजिविलिटी तलाशी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन इसका निर्माण पीपीपी मोड़ पर करेगा।
अब एक समान होगी अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में बस दुर्घटना में मृतक के परिवारों को अनुग्रह योजना एक लाख रुपये करने की घोषणा की है। अभी 12 वर्ष की आयु तक यह राशि 50 फीसदी अनुदान पर दी जाती थी, अब सबके लिए यह राशि 1 लाख रुपये रहेगी।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनेगी
मुख्यमंत्री ने नए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नीति बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत हिमाचल में सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं समकालिक यातायात सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
बसों में शुरू होगी कैशलेस सुविधा
पथ परिवहन की बसों में अब कैशलेस लेनदेन की सुविधा मुहैया होगी। इससे यात्री टिकट लेने के बाद कार्ड स्वाइप भी पेमेंट कर सकेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यात्रियों की सुविधा के लिए इंटरग्रेटिड पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीटीएमएस) प्रणाली स्थापित होगी।
इसमें कैशलैस लेनेदन, बसों की समयसारिणी की आनलाइन जानकारी, सफर के दौरान जीपीएस के माध्यम से वाहनों की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध होगी। सरकार ने परिवहन निगम के लिए 297 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। करसोग, बरछवाड़, ठियोग, निरमंड, स्वारघाट, पांवटा साहिब में निर्माणाधीन बस अड्डों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
बद्दी, जसूर में होगा चालकों का परीक्षण
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बद्दी और जसूर में स्टेट ऑफ आर्ट ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक स्थापित करने का निर्णय लिया है। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से यहां पर चालकों का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के लिए मोबाइल प्राधिकृत परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगा पीने का साफ पानी, स्कूलों में लगेंगे वाटर फिल्टर
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को पीने के लिए अब साफ पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अटल निर्मल जल योजना के तहत सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में वाटर फिल्टर लगाने की घोषणा की है।
बजट में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के लिए साल 2019-20 में 7598 करोड़ का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल प्रदेश में आवासीय सुविधा वाले और 15 अटल आदर्श विद्या केंद्र खोले जाएंगे। साल 2018-19 के दौरान सरकार ने दस केंद्र खोलने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने सीवी रमन वर्चुअल क्लास रूम योजना शुरू करने की भी घोषणा की। इसके तहत दूरदराज क्षेत्रों में स्थित दस कॉलेजों में वर्चुअल क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस समय नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क योजना के तहत 873 पाठशालाओं में 11 व्यवसायों पर आधारित व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि 80 अन्य विद्यालयों में भी इस शिक्षा को प्रदान करने के लिए प्रबंध किए जाएंगे। अतिरिक्त व्यवसाय जैसे इलेक्ट्रानिक्स, अपेरल, फर्निशिंग, सौंदर्य व प्रसाधन और प्लंबर के कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
2019-20 में बीवॉक को छह अन्य कॉलेजों और दो नए सेक्टर आईटी, बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विस और इंशोयेरेंस में बीवॉक शुरू किए जाएंगे। युवाओं को रोजगार देने के लिए कॉलेजों में रोजगार मेले लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 50 स्कूलों और 50 कॉलेजों में भाषा प्रयोगशालाओं को स्थापित करने की घोषणा भी की। इसमें विदेशी भाषाओं के अलावा संस्कृत बोलने और सीखने का प्रावधान किया गया है।
प्राथमिक स्कूलों में परिणाम बेहतर लाने के लिए अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और एक्सट्रा क्लासिज शुरू करने की भी घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए खेल से स्वास्थ्य योजना शुरू करने का एलान भी किया।
इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए 50 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और 50 कॉलेजों में कबड्डी मैट, रेसलिंग
मैट तथा जूड़ों मैट स्थापित किए जाएंगे। चिन्हित स्कूलों-कॉलेजों में ट्रैक और फील्ड, बाक्सिंग रिंग व वेट लिफ्टिंग के उपकरण प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कार्य मूलक शिक्षकों के पदों को भरने की घोषणा भी की।