हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने सैलानियों के लिए 53 दिन बाद एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है। इसमें आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र साथ लाने की सलाह दी गई है। मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। बुधवार को आपदा प्रबंधन ने इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है।
गाइडलाइन के मुताबिक आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर की मानी जाएगी, जबकि वैक्सीन की एक या फिर दो डोज लेना अनिवार्य है। बिना मास्क के भी हिमाचल में एंट्री नहीं होगी। प्रवेश मिलने के बाद अगर कोई सैलानी बिना मास्क के घूमता पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने 12 जून को पर्यटकों के हिमाचल आने पर प्रतिबंध हटा लिया था।
उन्हें बिना कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के एंट्री दी गई। लेकिन, अब बीते 10 दिन से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। नए मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 200 के पास पहुंच गया है। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या भी 13 सौ पार हो गई है। जिला मंडी, शिमला और चंबा में सक्रिय मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पर्यटन स्थल कुल्लू, मनाली में भी मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में एहतियात बरतना बेहद जरूरी हो गया है।
केंद्र सरकार बार-बार हिमाचल को दे रही चेतावनी
हिमाचल के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की भीड़ को देखते हुए केंद्र सरकार बार-बार हिमाचल सरकार को चेतावनी दे रही है। गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रदेश सरकार को इस बार पत्र भी जारी किए गए हैं। कहा गया है कि अगर भीड़ पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो बंदिशें लगानी पड़ेंगी।