इसके साथ ही सभी कामगारों को हिम केयर योजना से जोड़ा जाएगा, जिसका पूरा खर्च बोर्ड उठाएगा। सभी दिव्यांग बच्चों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। अब श्रम कल्याण अधिकारी सप्ताह में तीन दिन कार्यालय में बैठकर ई-केवाईसी का काम निपटाएंगे और शेष तीन दिन फील्ड में जाकर कामगारों की भौतिक जांच करेंगे। सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने हाल ही में 15 करोड़ की राशि 4,000 लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की है। इसमें विधवा और एकल नारियों को मकान निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपये की पहली किस्त भी शामिल है।
पंजीकृत 4.76 लाख कामगारों की पारदर्शिता के साथ जांच होगी। फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं होगा और पात्रों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। - नरदेव सिंह कंवर, अध्यक्ष, कामगार कल्याण बोर्ड