हिमाचल आने वाले पर्यटकों को चालान चिट की यादगार के साथ हिमाचल से रुखसत होना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए है कि हादसों में कमी लाकर लोगों की जान बचाने की मुहिम में जुटी हिमाचल पुलिस ने मैदानी या समतल इलाकों में तेज रफ्तार से फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने जगह जगह रफ्तार की अधिकतम सीमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें गठित कर दी हैं। सोलन से लेकर ऊना, बिलासपुर तक में पुलिस की टीमें सड़क किनारे खड़ी रहती हैं और तेज रफ्तार चल रहे वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि चालान सिर्फ उन्हीं के हो रहे हैं जो नियमों को तोड़कर वाहनों को तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं।
देश में हर एक हजार में जहां औसतन आठ लोगों की सड़क हादसों में मौत होती है। वहीं, हिमाचल में हादसों में मौत का आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। प्रदेश में प्रति हजार में 11 लोग जान गंवाते है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए ही रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
जो लोग तय रफ्तार से ज्यादा तेजी से चल रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई होनी स्वाभाविक है। कहा कि पुलिस मुख्यालय लगातार तेजरफ्तार वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी कर रहा है।