पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में पेपर लीक मामले में आईजी आर्म्ड पुलिस एंड ट्रेनिंग भर्ती के प्रमुख जेपी सिंह को उनके पद से हटाकर उनको आईजी पीएटी एंड आर (आर्म्ड पुलिस एंड ट्रेनिंग रिसर्च) के पद पर नियुक्ति दी है। जेपी सिंह करीब दो हफ्ते से छुट्टी पर हैं। छुट्टी पर जाने के बाद जेपी सिंह ने अपनी छुट्टी बढ़ाई भी है।
छुट्टी पर जाने के बाद अब वह नए पद पर ही नियुक्ति देंगे। गौरतलब है कि आईपीएस अधिकारी जेपी सिंह वर्ष 2011 में स्टडी लीव के दौरान एलएलबी की तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए कथित रूप से पकड़े गए थे। उस दौरान जेपी सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को नकारा था, जबकि लखनऊ यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने नकल का मामला बनाया था।
पुख्ता सुबूत तलाश रही एसआईटी
पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एसआईटी विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी में शामिल जांच अधिकारी पुख्ता सुबूत की तलाश कर रहे हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि पेपर लीक मामले में शक प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारियों और पुलिस कर्मचारियों पर हो रहा है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक मामले को बड़े ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है।
सुनियोजित तरीके से लीक हुआ था पेपर
प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक क्या कर सकते हैं, पुलिस इस सवाल का जवाब भी खोज रही है। क्योंकि, पेपर लीक करने वाली गैंग ने जिनसे पैसे लिए उनको घर से बाहर होटल या शिक्षण संस्थान में पूरी रात रखा गया। वहां पर उनको पेपर रटाया गया। उनको अपनी ही गाड़ी से परीक्षा केंद्र तक ले जाया और वापस लाया गया। हालांकि, पुलिस जांच पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।