प्रदेश में खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए अब जिला पुलिस की मदद के लिए बटालियनों के जवान तैनात किए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह अभियान चलाएं और इस दौरान जरूरत महसूस हो तो मुख्यालय से अतिरिक्त फोर्स की मांग करें।
पीएचक्यू की ओर से यह निर्देश ऐसे समय पर गए हैं जब बुधवार को ही ऊना में पुलिस पार्टी पर खनन माफिया ने हमला किया था। माना जा रहा है कि अब बटालियनों के जवानों के तैनात होने के बाद माफिया पर सख्ती से नकेल कसी जा सकेगी।
भाजपा की सरकार के सत्तासीन होने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अवैध खनन पर नकेल कसने का एलान किया था। लोगों को इस संबंध में शिकायतें करने के लिए होशियार सिंह हेल्पलाइन 1090 भी शुरू की गई। इसमें अभी तक 1800 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस को भी सख्ती के निर्देश दिए गए, लेकिन खनन माफिया अभी भी बेधड़क काम कर रहा है।
हाल यह है कि पड़ोसी राज्य पंजाब से माफिया जेसीबी और ट्रैक्टर और डंपरों की मदद से खनन कर रहे हैं। ऊना में बुधवार को पर बेखौफ माफिया ने हमला भी कर दिया था। इस मामले के बाद यह बात सामने आई कि फोर्स की कमी की वजह से नकेल कसने में परेशानी हो रही है।
इसके बाद मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं जिलों के एसपी को मुख्यालय को जानकारी देनी होगी और इसके बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हथियारों से लैस बटालियनों के जवान तैनात किए जाएंगे। डीजीपी सीताराम मरडी ने कहा कि खनन माफिया पर हर हाल में नकेल कसी जाएगी। सभी एसपी को लगातार अभियान चलाए रखने के लिए कहा गया है। साथ ही फोर्स की जरूरत महसूस होने पर उन्हें बटालियन से जवान भी मुहैया कराए जाएंगे।