मतदान के बाद उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने वोट का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। प्रशासन ने भी उनके मतदान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। चिड़गांव नगर पंचायत के तहत 100 वर्ष से अधिक आयु की कौल दासी भी मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचीं। उन्हें परिजन मतदान केंद्र तक लेकर आए। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान के प्रति उनका उत्साह देखकर लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया और लोकतंत्र के इस पर्व में उनकी भागीदारी को प्रेरणादायक बताया।
वहीं चंबा में चोंतडा वार्ड जनसाली में 75 वर्षीय बुजुर्ग अंजन शर्मा की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। बुजुर्ग नगर परिषद चुनाव के लिए जनसाली मतदान केंद्र में वोट डालने जा रहा था। जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि दुखद घटना हुई है।
चुनाव आयोग व प्रशासन की ओर से दिव्यांग मतदाताओं के लिए कोई सुविधा नहीं की गई। ऐसे में उन्हें खुद मतदान केंद्र तक वोट डालने पहुंचना पड़ा। सोलन में दिव्यांग मतदाता व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचे।
मंडी एमसी चुनाव के लिए सदर विधायक अनिल शर्मा सहित उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन व अन्यों ने मतदान किया। मतदान के बाद विधायक अनिल शर्मा ने बूथों पर जायजा लिया। लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता निभाते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने खलियार वार्ड में अपने परिवार सहित मतदान किया। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
नगर निगम मंडी चुनाव के तहत समखेतर वार्ड नंबर 11 के बूथ नंबर 3 में ईवीएम खराब होने से मतदान करीब 40 मिनट देर से शुरू हुआ। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन ईवीएम में खराबी के कारण प्रक्रिया 7:40 बजे शुरू हो सकी। इस दौरान मतदान केंद्र के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। एसडीएम सदर रूपिंद्र कौर मौके पर पहुंचीं और मशीन ठीक होने तक मौजूद रहीं। सबसे पहला वोट मुरारी शर्मा ने डाला। नगर निगम मंडी के कई बूथों पर प्रत्याशियों ने निर्धारित सीमा के भीतर ही प्रचार सामग्री और टेबल-कुर्सियां लगा दी थीं, जिन्हें हटवा दिया गया। गांधी चौक और तल्याहड़ बूथ सहित कुछ स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने को लेकर प्रत्याशियों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। संवाद
जोगिंद्रनगर नगर परिषद चुनाव में इस बार एक ही परिवार के दो सदस्यों ने चुनावी मैदान में किस्मत आजमाई थी। चुनाव परिणाम में पत्नी चंद्ररेखा को जीत मिली, जबकि पति अजय को हार का सामना करना पड़ा। दंपती के चुनाव लड़ने को लेकर क्षेत्र में पूरे चुनाव के दौरान चर्चा बनी रही। नगर परिषद के अलग-अलग वार्डों में चुनाव लड़ रहे अजय और चंद्ररेखा ने अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं से समर्थन मांगा था। मतगणना के बाद घोषित परिणामों में चंद्ररेखा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत दर्ज की, जबकि अजय को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया और उन्हें पराजय झेलनी पड़ी।