शिमला के लोअर बाजार सब्जी मंडी में टमाटर बेचते विक्रेता।
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राजधानी शिमला की लोअर बाजार सब्जी मंडी में टमाटर सेब से महंगा बिक रहा है। रॉयल और गोल्डन सेब 40 रुपये किलो जबकि हिम सोना और हाई ब्रीड टमाटर का रेट 60 रुपये प्रतिकिलो है। शहर के उपनगरों में टमाटर 70 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
सेब के सबसे बड़े उत्पादक जिले शिमला में टमाटर के आगे सेब की चमक फीकी पड़ गई है। टमाटर की कम आमद के कारण दामों में बढ़ोतरी हुई है। मंडी में 60 से 70 रुपये प्रति किलो बिकने वाले टमाटर के मुकाबले सेब 40 से 50 रुपये प्रति किलो उपलब्ध है। शिमला की ढली मंडी में मध्यम आकार का सेब 30 से 35 रुपये किलो बिक रहा है। हालांकि गुणवत्ता के आधार पर सेब का रेट ज्यादा भी है।
ताजा माल कम दाम में आसानी से उपलब्ध हो रहा है। लेकिन लोकल टमाटर की फसल खत्म होने को है। बीते दिनों भारी बारिश के बाद नासिक और बंगलूरू के टमाटर की फसल भी खराब हो गई है। कृष्णा फ्रूट एंड वेजीटेबल एसोसिएशन लोअर बाजार सब्जी मंडी के अध्यक्ष सतपाल शर्मा पिंटू ने बताया कि इन दिनों शिमला के टुटू के साथ लगती बागी, धमून, चनोग, बायचड़ी, गलोट, कंडा, रामपुर क्योंथल से टमाटर पहुंच रहा है।
चंडीगढ़ और दिल्ली में टमाटर का होलसेल रेट 42 से 43 रुपये है। लोअर बाजार सब्जी मंडी में टमाटर 45 से 50 रुपये किलो थोक रेट पर बिका। मांग के मुकाबले आपूर्ति काफी कम है। जल्द टमाटर के रेट कम होने की संभावना नहीं दिख रही।
रेट ज्यादा पर किसान को फायदा कम
टमाटर के रेट ज्यादा होने के बावजूद इस साल टमाटर उत्पादकों को फायदा कम हुआ है। किसान एवं जनकल्याण समिति के अध्यक्ष राम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि इस साल बारिश ज्यादा होने से टमाटर में बीमारियां अधिक लगीं और स्प्रे ज्यादा करनी पड़ी। दवाएं महंगी होने से उत्पादन की लागत बढ़ गई। इस साल बीते साल के मुकाबले टमाटर का उत्पादन करीब 50 फीसदी कम है। सोलन मंडी में मंगलवार को टमाटर की 25 किलो की क्रेट 1100 से 1300 रुपये के बीच बिकी।