बैठक में एसएमसी, कंप्यूटर शिक्षक एलडीआर और पीजीटी, डीपीई एलडीआर मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने 22 फरवरी को एलडीआर करने और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। सहायक प्राध्यापकों की भर्ती से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई और इन्हें शीघ्र हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने छात्रावासों को प्राथमिकता बताते हुए उनके सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। विशेष रूप से माजरा स्थित छात्रावास की स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां आ रही समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। प्रशिक्षकों से जुड़े मुद्दों जैसे उपलब्धता, सहयोग प्रणाली, कार्य परिस्थितियां और समय पर तैनाती को शीघ्र सुलझाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अकादमिक व अन्य आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण में से किसी एक को चुनने की मजबूरी न हो। इसके लिए शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विलय या युक्तिकरण से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने आगामी सत्र से विद्यालयों में बागवानी और वानिकी को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। टैबलेट वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष टैबलेट शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।