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Himachal News: हिमाचल समेत 22 राज्यों व यूटी में अप्रैल में होगा एसआईआर, जानें इसके बारे में विस्तार से

Fri, 20 Feb 2026 10:01 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/शिमला।

सार

SIR in Himachal: हिमाचल प्रदेश में अप्रैल से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होगी। आयोग ने पत्र लिखकर तैयारी पूरी करने को कहा है। पढ़ें पूरी खबर...
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एसआईआर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होगा। आयोग ने राज्यों से इससे संबंधित तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) इसके दायरे में आ जाएंगे।

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आयोग ने आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर तैयारी पूरी करने को कहा। इन राज्यों के अलावा चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी तैयार रहने को कहा गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतदाता सूची के अखिल भारतीय एसआईआर का आदेश पिछले साल जून में दिया गया था।

13 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया हो चुकी पूरी 
चुनाव आयोग ने इस वर्ष 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष संशोधन (एसआईआर) और असम में एक विशेष पुनरीक्षण का काम शुरू किया है। शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी प्रकार की प्रक्रिया इस वर्ष करने की तैयारी है। बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके कारण चुनाव आयोग लगातार सुर्खियों में रहा। हालांकि, लगभग 6 करोड़ मतदाताओं वाले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया अभी जारी है। 

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एसआईआर (SIR) क्या है?
एसआईआर का पूरा नाम Special Intensive Revision है, जिसे हिंदी में विशेष गहन पुनरीक्षण कहा जाता है। यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की एक बड़ी और गहन सफाई/अपडेट प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, सटीक और अपडेटेड बनाना। योग्य मतदाताओं (जिनका नाम होना चाहिए) को शामिल करना। अयोग्य/गलत नाम हटाना, जैसे:मृतक व्यक्तियों के नाम। डुप्लिकेट (एक ही व्यक्ति के कई जगह नाम)। स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के पुराने नाम। गैर-नागरिक या अयोग्य प्रवेशियों को हटाना (यदि कोई हो)। लोकतंत्र को मजबूत करना और चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
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