उत्तराखंड के चमोली में पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत पालमपुर की नच्छीर पंचायत के राकेश कपूर की सलामती की दुआएं काम न आईं। राकेश का शव मिलने की सूचना मिलते ही गांव में मातम है। बड़े भाई रमेश को विश्वास ही नहीं हो रहा कि राकेश की मौत हो गई है। मां-पत्नी को अभी शव मिलने की सूचना नहीं दी गई है। एक सप्ताह से हर कोई राकेश की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा था।
परिवार इस आस में था कि राकेश सकुशल घर लौटेंगे। लेकिन, किसे पता था कि माता मचलो देवी का लाडला बेटा और अनीता का पति अब कभी लौटकर नहीं आएगा। चमोली में पावर प्रोजेक्ट प्रबंधक के पद पर तैनात इंजीनियर राकेश कपूर लॉउकडाउन के बाद नवंबर माह में दिवाली के बाद घर छुट्टी आए थे। करीब एक हफ्ता घर में रुकने के बाद चले गए थे। करीब सात साल की उम्र में ही पिता रोवन राम का निधन होने से वह अपनी मेहनत और परिवार के सहयोग से इंजीनियर बने थे।