देशभर में आसमान छू रहे प्याज के दामों के साथ ही इसका बीज भी तीन गुना महंगे मिल रहा है। पिछले साल 500 रुपये प्रति किलो बिकने वाला अच्छी किस्म का प्याज का बीज इस बार 1650 रुपये प्रति किलो के हिसाब से किसानों को बीज विक्रय दुकानों में मिल रहा है। दूसरी ओर सरकारी विक्रय केंद्रों में भी प्याज के बीज मांग के अनुरूप नहीं पहुंचे हैं। इसके चलते किसानों को निजी दुकानों में महंगे दामों पर प्याज का बीज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
270 रुपये प्रति किलो बिकने वाले बीज के दाम भी 1250 रुपये तक पहुंच गए हैं। इसका कारण बीज तैयार करने के दौरान कोरोना महामारी का फैलना और अब प्याज के लगातार बढ़ रहे दाम बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के किसानों को इस बार सरकारी विक्रय केंद्रों में सब्सिडी पर बीज नहीं मिल पाया है। इसका कारण बीज की अधिक मांग व मांग के अनुरूप बीज का विक्रय केंद्रों में न पहुंचना है।
सूत्रों की मानें तो जिला कांगड़ा में 17-18 क्विंटल बीज की खपत हो चुकी है, जबकि अभी भी कई किसान विक्रय केंद्रों में पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें बीज न मिलने पर मायूसी हाथ लग रही है। मधुवाला, रक्षा देवी, सलोचना और अन्य ने बताया कि सरकारी विक्रय केंद्रों में प्याज का बीज न मिलने के कारण उन्हें महंगे दामों पर निजी दुकानों से खरीदारी को मजबूर होना पड़ा है।
महंगे हैं, पर उपलब्ध हैं बीज
जिले के बागबान और बीज विक्रेता बलबीर सैणी ने बताया कि इस बार प्याज के बीजों की मांग बहुत अधिक है। मांग अधिक होने के कारण दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मांग अधिक होने के बावजूद प्याज के बीजों की कोई कमी नहीं है।
इस बार प्याज के बीज की अधिक मांग है। जिले के सभी विक्रय केंद्रों में प्याज का बीज मुहैया करवाया गया है। विभाग ने प्याज के और बीज की मांग की है।
- डॉ. पीसी सैणी, उपनिदेशक, कृषि विभाग कांगड़ा।