चुनावी साल से पहले सरकार ने छवि सुधारने और सोशल मीडिया पर इमेज बिल्डिंग के लिए को टर्मिनस आधार पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में नियुक्तियां कर दी हैं। मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट के लिए नियुक्त यह लोग सरकारी कामकाज से जुड़े कंटेंट तैयार कर उसे जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। बिना विज्ञापन या सरकारी प्रक्रिया के हुई इन नियुक्तियों में भाजपा के ही कई पदाधिकारियों और करीबियों को तरजीह दी गई है। इन नियुक्त कर्मचारियों को तीस हजार से एक लाख तक का वेतन दिया जाएगा।
खास बात यह है कि पहले इसी काम के लिए एक पब्लिक रिलेशन (पीआर) एजेंसी की तलाश की जा रही थी। चार पीआर एजेंसियों ने आवेदन किया और उनकी टेक्निकल स्क्रूटनी भी हो गई लेकिन कोविड काल में करोड़ों रुपये की एक मुश्त बड़ी रकम देने पर होने वाले विवाद से बचने के लिए अब आउटसोर्स नियुक्तियों का सहारा लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के एक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी के अलावा कई अन्य को नियुक्ति प्रदान की गई है।
इनमें दो लोगों को संसदीय क्षेत्रों में सोशल मीडिया का कामकाज देखने का जिम्मा दिया गया है जबकि अन्य को कंटेंट राइटिंग के अलावा अन्य तरह के काम सौंपे जाएंगे। खास बात यह है कि जिन कामों का जिम्मा इन कर्मचारियों को दिया जा रहा है उस काम को अभी तक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की भारी भरकम टीम अंजाम दे रही थी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रैस्कॉन ने बताया कि जरूरत के अनुसार सरकार के निर्देश पर नियुक्तियां की गई हैं।