फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मच्छयाल मोक्षधाम में संक्रमित शव के संस्कार के विरोध पर गेट कर दिए बंद

Fri, 14 May 2021 05:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

मच्छयाल मोक्षधाम में कोरोना मृतक पूर्व सैनिक के दाह संस्कार का ग्रामीणों ने पहुंचकर कड़ा विरोध जताया। आरोप है कि मृतक मोक्ष धाम के अधीन आने वाली पंचायत से संबंध नहीं रखता था। दाह संस्कार करने से नाराज करीब दस से पंद्रह ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दाह संस्कार के बीच मोक्षधाम का गेट बाहर से बंद कर दिया। सूचना प्रशासन को मिली तो पंचायत प्रधान से हस्तक्षेप करने की मांग की। पंचायत प्रधान और पुलिस की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और दाह संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण करवाई। मृतक के परिजनों में रोष है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मच्छयाल मोक्षधाम में कोरोना मृतक पूर्व सैनिक के दाह संस्कार का ग्रामीणों ने पहुंचकर कड़ा विरोध जताया। आरोप है कि मृतक मोक्ष धाम के अधीन आने वाली पंचायत से संबंध नहीं रखता था। दाह संस्कार करने से नाराज करीब दस से पंद्रह ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दाह संस्कार के बीच मोक्षधाम का गेट बाहर से बंद कर दिया। सूचना प्रशासन को मिली तो पंचायत प्रधान से हस्तक्षेप करने की मांग की। पंचायत प्रधान और पुलिस की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और दाह संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण करवाई। मृतक के परिजनों में रोष है।

विज्ञापन


नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पूर्व सैनिक की कोरोना संक्रमण से मौत होने के बाद परिजन शव को मच्छयाल स्थित श्मशानघाट तक एंबुलेंस में लाए। मृतक के पैतृक गांव मंढौता के ग्रामीणों ने लकड़ी की व्यवस्था की। शव के लिए जब चार कंधे भी नसीब न हुए तो भाई ने पीपीई किट पहनकर शव को अकेले चितास्थल तक पहुंचाया। करीब 70 प्रतिशत अंतिम संस्कार हुआ था कि मुख्य गेट पर दस से पंद्रह ग्रामीण आ पहुंचे और विरोध जताते हुए श्मशानघाट के मुख्य गेट को बंद कर दिया।

इस पर एसडीएम को सूचना दी। उन्होंने संबंधित पंचायत प्रधान अंजना शर्मा को मामले में हस्तक्षेप करने का आह्वान किया। इसके बाद मामला शांत करवाया गया। मच्छयाल मोक्षधाम समिति के अध्यक्ष चुनी लाल ने कहा कि मोक्ष धाम में अंतिम संस्कार को लेकर समिति को आपत्ति नहीं थी। कोविड प्रोटोकोल के तहत अंतिम संस्कार होना चाहिए। अगर अंतिम संस्कार को लेकर समिति प्रबंधन को अवगत करवाया होता तो इस प्रकार की स्थिति पैदा नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें