पीपीई किट में कोरोना संक्रमित युवक।
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नेरचौक से सटे छात्र गांव में भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिली। प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से कोरोना संक्रमित युवक पीपीई किट अपने बुजुर्ग पिता की चिता को मुखाग्नि देने के लिए पहुंचा। एसडीएम के प्रयासों और ग्रामीणों के सहयोग से पूरे रीति-रिवाज से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार रात को 82 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत के बाद रैपिड टेस्ट में बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमित 36 वर्षीय बेटा कोविड अस्पताल रत्ति में स्वास्थ्य लाभ ले रहा था।
गांव में बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही बुद्धिजीवी लोग धर्म सिंह ठाकुर, नेत्र सिंह शास्त्री, किशनचंद, गुलाब सिंह, पवन टोडर और किशोरी लाल ने सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरे रीति-रिवाज से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। एसडीएम तक बात पहुंचने पर उन्होंने रत्ति कोविड अस्पताल के प्रभारी से समन्वय स्थापित किया और बुजुर्ग के संक्रमित बेटे को श्मशानघाट तक पहुंचाने की व्यवस्था की। गांव के लोगों ने श्मशानघाट में लकड़ी इकट्ठी की। मृतक के बेटे ने पीपीई किट पहनकर पिता को मुखाग्नि दी और रस्मों को निभाया।
सूचना मिली थी घर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। उनका बेटा भी संक्रमित है। ग्रामीणों ने कोविड नियमों की अनुपालना के साथ अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साधकर बुजुर्ग के बेटे को पीपीई किट पहनकर मुखाग्नि देने के लिए भेजा गया और पूरे रीति-रिवाज के साथ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।
- आशीष शर्मा, एसडीएम नेरचौक
प्रशासन से सूचना मिलते ही ग्रामीणों तक पीपीई किट्स और अन्य सामान पहुंचाया। मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग का रैपिड टेस्ट लिया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सुबह संक्रमित बेटे को पीपीई किट पहनाकर मुखाग्नि देने के लिए पहुंचाया गया। सभी गांववासियों ने एकजुट होकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।
- केआर शर्मा, बीएमओ रत्ति