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Una News: बंगाणा के लोग कड़कनाथ पालन से कूट रहे चांदी, अंडे बेचकर ही कमाए तीन से पांच लाख

Mon, 30 Jan 2023 01:11 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना

सार

कड़कनाथ मुर्गे बड़े आराम से 1000-1500 रुपये प्रति मुर्गे के हिसाब से बिक जाते हैं। कड़कनाथ मुर्गी पालन से क्षेत्र के लोग करीब 20 से 25 लाख रुपये की आय अर्जित कर चुके हैं।
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बंगाणा क्षेत्र में कड़कनाथ मुर्गों और मुर्गियों को दाना डालता व्यक्ति। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उपमंडल बंगाणा में कड़कनाथ मुर्गी पालन को लेकर लोगों का रूझान लगातार बढ़ता जा रहा है। यह व्यवसाय ग्रामीण आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है। लोगों को मुर्गियों और अंडे बेचने में अच्छा खासा लाभ हो रहा है। बाजार में भी कड़कनाथ मुर्गियों व अंडों की मांग काफी अधिक है। लोग इसके बदले अच्छे दाम देने को भी तैयार है।

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जानकारी के समय वर्तमान में कड़कनाथ मुर्गियों के अंडों की कीमत 30 से 40 रुपये प्रति अंडा चल रही है। वहीं, एक कड़कनाथ मुर्गी और मुर्गे के दाम 1000 से लेकर 2000 रुपये के बीच हैं। बंगाणा क्षेत्र में कुल 260 इकाइयों में 3,380 चूजे वितरित किए गए। उनमें मृत्यु दर 10 से 15 प्रतिशत रही। 3,380 में से 2,880 मुर्गे और मुर्गियां लाभार्थियों ने सफलतापूर्वक तैयार किए है। 

उनमें से 70 प्रतिशत पालकों ने अनुमानित 800 से 1000 रुपये प्रति मुर्गा बेचा है। क्षेत्र के ग्राम पड़ियोला के रणजीत, पपड़ोली के जगदेव ने 1500 रुपये प्रति मुर्गा और ग्राम डोक रायपुर मैदान के डॉ. अरुण ने 4000 रुपये का जोड़ा बेचा। कड़कनाथ मुर्गी पालन से क्षेत्र के लोग करीब 20 से 25 लाख रुपये की आय अर्जित कर चुके हैं।
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30 से 35 प्रतिशत मुर्गी पालक अंडे बेच कर प्रति माह अनुमानित दो से तीन हजार रुपये अर्जित कर रहे हैं। इसके साथ मुर्गियों के कुछ बच्चे तैयार कर अपने काम को बढ़ा रहे हैं। अंडे बेचकर ही लोग तीन से पांच लाख के बीच लाभ कमा चुके हैं। कुछ पशु पालकों के अनुसार कड़कनाथ मुर्गे बड़े आराम से 1000-1500 रुपये प्रति मुर्गे के हिसाब से बिक जाते हैं।

200 अंडे रोजाना बिक रहे हैं
क्षेत्र के मुर्गी पालकों जगदेव चंद, सुभाष कुमार, मनजीत, तिलक राज, अनिल कुमार, रवि राणा, ललित कुमार, रोहित ठाकुर, जनक राज, राज कुमार ने बताया कि वे औसतन 150-200 रुपये के अंडे प्रतिदिन आराम से बेच देते हैं। कुछ अंडों से चूजे तैयार किए जा रहे हैं।

बकरी पालन के साथ मुर्गी, सुअर और मछली पालन की छोटी इकाई खोलने को लेकर लोगों को प्रोत्साहित करें तो यह आय का अच्छा साधन साबित होंगे। इससे युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा और ग्रामीण आर्थिक व्यवस्था को बल मिलेगा। इसका सफल प्रयोग उपमंडल बंगाणा में देखने को मिला। कड़कनाथ मुर्गियों के अंडे और मांस समस्त पौष्टिक तत्वों से युक्त होता है। - डॉ. सतेंद्र ठाकुर, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा।

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