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Himachal News: हिमाचल की सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य, उच्च स्तरीय कमेटी बनेगी

Fri, 18 Aug 2023 10:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज नहीं होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा।
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाली सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी और निगरानी टीमें भी बनाई जाएंगी।  राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज न होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण के समय ही गुणवत्तापूर्ण कार्य से सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को 24 घंटे कार्य कर बहाल किया जाए। जिला मंडी में बाधित प्रमुख सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त कार्य बल और मशीनरी की आवश्यकता है। कुल्लू में नदी किनारों पर पानी से भूमि कटाव को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को दूरगामी उपाय करने को कहा गया है। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा व देवेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ड्रोन से उपलब्ध करवाएंगे खाने-पीने का सामान, दवाइयां
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को ड्रोन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे मैपिंग व निगरानी के साथ-साथ आपदा के समय लोगों को खाने-पीने का सामान व चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार ने राज्य में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की (एसडीआरएफ) कंपनियों को दो-दो क्रेन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। इससे आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों को तीव्रता से करने में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने कार दुर्घटना में मृतकों के निधन पर शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री  ने गुरुवार को जिला सिरमौर के शिलाई के रोनहाट में कार दुर्घटना में राजकीय महाविद्यालय रोनहाट के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

अनुराग ठाकुर बताएं कब जारी हुई पहली अंतरिम किस्त : सुक्खू

वहीं, नाहन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अनुराग बताएं कि केंद्र सरकार की ओर से कब और कहां अंतरिम राशि की पहली किस्त जारी हुई है। प्रदेश सरकार केंद्र से मिलने वाली अंतरिम राहत राशि का अब तक इंतजार कर रही है। सुक्खू ने कहा कि भाजपा को इस समय आपदा में राजनीति नहीं करनी चाहिए।

इतना जरूर है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनसे फोन पर आपदा को लेकर बातचीत की है और राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में आपदा का दौर है और सभी को साथ देना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश की 11 करोड़ की मदद करने के लिए आभार जताया।
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20 मिनट छात्राओं से की बात, बोले, दो महीने में भेजेंगे शिक्षक

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सिरमौर दौरे पर सतौन पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू चौपर से उतरकर सीधा स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों संग 20 मिनट बिताए। मुख्यमंत्री निर्धारित समय से ठीक एक घंटा देरी से दोपहर 12:10 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन के खेल मैदान में उतरे। यहां 10 मिनट वह कार्यकर्ताओं से मिले। इसके बाद वह स्कूल परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों से सवाल किए। छात्राओं से दुलार कर उन्होंने एक-एक से पूछा कि क्या बनोगे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्टाफ के बारे में भी जानकारी ली, साथ ही खेल मैदान के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री के सवाल पर बच्चों ने स्कूल में अध्यापकों की कमी से भी अवगत कराया। छात्राओं ने कहा कि स्कूल भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रवक्ता नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विषयों के खाली पद दो माह के भीतर भरे जाएंगे। छात्राओं ने कहा कि इस स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल बनाया जा रहा है, इसमें हॉकी का एस्ट्रोटर्फ जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की मांग पर तुरंत संज्ञान लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्टाफ सहित स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं के साथ फोटो खिंचवाई।
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