एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान बचाव कार्य में डटे हुए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार पांच लोग अब भी लापता हैं। उधर, जिला कांगड़ा के इंदौरा में चल रहा बचाव अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम ने बोट के माध्यम से बेला इंदौरा के जलमग्न क्षेत्रों से 54 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि सुरक्षित बचाए किए गए लोगों की संख्या 2209 पहुंच गई है।
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 24 जून से 18 अगस्त तक सामान्य से 42 फीसदी अधिक बादल बरसे हैं। लाहौल-स्पीति जिला में सामान्य से 17 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। बिलासपुर में सामान्य से 71, चंबा में 17, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 20, किन्नौर में 55, कुल्लू में 79, मंडी में 64, शिमला में 102, सिरमौर में 72, सोलन में 99 और ऊना में 12 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इस अवधि में 527 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इस वर्ष 24 जून से 18 अगस्त तक 746 मिलीमीटर बारिश प्रदेश में हो चुकी है। बीते दिनों हुई भारी बारिश होने से कई रिकॉर्ड भी टूटे हैं।
लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 2656.43 करोड़, जल शक्ति विभाग 1842.60 करोड़, बिजली बोर्ड 1505.73 करोड़, बागवानी 144.88 करोड़, शहरी विकास 88.82 करोड़, कृषि 256.87 करोड़, ग्रामीण विकास 369.53 करोड़, शिक्षा 118.90 करोड़, स्वास्थ्य विभाग 44.01 करोड़, मतस्य विभाग को 13.91 करोड़ और अन्य 82.41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मंडी तथा पंडोह के बीच नेशनल हाईवे को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। सात, आठ व नौ मील में फंसे हुए करीब 200 ट्रकों व अन्य वाहनों को निकाल दिया गया है। कुछ वोल्वो बसें मलबा आने के कारण और नाले में बहने के कारण एक-दूसरे से टकराकर खराब हालत में हैं। इसके अलावा कुछ बड़े ट्रकों को शनिवार को निकाला जाएगा। लेकिन पंडोह तथा मंडी के बीच में विभिन्न स्थानों पर नालों में आई बाढ़ तथा भारी भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क पर ट्रैफिक को पूरी तरह सुचारु रूप से चलाने में कुछ दिन का समय लगेगा। यह जानकारी एएसपी सागर चंद्र ने दी।
कहा कि पंडोह डैम के आगे कुल्लू की तरफ कैंची मोड पर एनएच के टूट गए दोनों हिस्सों को ठीक करने में अभी लंबा समय लगेगा। मंडी प्रशासन, एचएचएआई, लोक निर्माण विभाग और बीबीएमबी के अधिकारियों की ओर से इस क्षेत्र का मुआयना किया गया है। डैम की दूसरी तरफ पुराने हाईवे को जोड़ने वाले लिंक रोड को चालू करने के लिए फैसला लिया गया है। यदि यह सड़क सुचारु रूप से चल पड़ती है तो पंडोह से कुल्लू में के बीच में हल्के वाहनों का आवागमन हो जाएगा।