कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी की चतानी पंचायत के शिल्हा गांव में शनिवार सुबह देवता बिजली महादेव के गूर का ढाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया। 21 कमरों वाले मकान के आग की भेंट चढ़ने से 30 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि घटना में किसी प्रकार के जानमाल की क्षति नहीं हुई है। आग भड़कने के बाद गांव में अफरी-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। सड़क से दूर होने के चलते दमकल का वाहन मौके पर नहीं पहुंच पाया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार शिल्हा गांव में रामनाथ और दो बेटे बिजली महादेव के गूर धनी राम, हेमराज के संयुक्त 21 कमरों वाले मकान की ऊपर वाली मंजिल में सुबह साढ़े आठ बजे अचानक बिजली के तारों में धमाका हुआ। इसके बाद एकदम से तारों ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की चपेट में मकान की पूरी ऊपरी मंजिल आ गई। जिस समय मकान में आग लगी, परिवार के कुछ सदस्य भी घर में ही मौजूद थे।
परिवार के लोग अपनी जान बचाकर बाहर की ओर दौड़े। आग का धुआं उठता देख आसपास के लोग भी आग पर काबू पाने के लिए मकान की तरफ दौड़े। इस बीच मद्द के लिए दमकल विभाग को भी सूचित किया गया। सड़क से दूर होने के कारण दमकल का वाहन घर से एक किलोमीटर नीचे ही रह गया। हालांकि गांव के लोगों ने एकजुटता का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास किए।
देवता के घंटी आदि समय पर बाहर निकाले गए। काफी कोशिशों के बाद निचली मंजिल के छह कमरों को आग से बचाया गया। गौर रहे कि धनी राम देवता बिजली महादेव के गूर भी हैं। ऐसे में धनी राम के घर आगजनी की घटना होने पर देव समाज के लोगों ने भी खेद जताया है। अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर दुर्गा सिंह ने कहा कि आग की इस घटना में 30 लाख के नुकसान का अनुमान है, जबकि दस लाख की संपत्ति को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेज दी गई है।